
सतना। शहर के बाजार क्षेत्र की प्रमुख और सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल स्टेशन रोड का डामरीकरण चार माह में ही सवालों के घेरे में आ गया है। पहली तेज बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं और कई हिस्सों में डामर की परत उखड़ने लगी है। जिस सड़क को कुछ माह पहले खस्ताहाल स्थिति से निकालकर शहर की बेहतर सड़कों में शामिल करने का दावा किया गया था, उसकी मौजूदा हालत ने निर्माण की गुणवत्ता और उसकी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब शहरवासी जिम्मेदार ठेकेदारों के साथ उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिनकी निगरानी में काम हुआ और जिनके स्तर से भुगतान किया गया।
स्टेशन रोड के डामरीकरण का काम करीब पांच माह पहले नगर निगम ने दो हिस्सों में कराया था। सर्किट हाउस से रेलवे माल गोदाम तक का काम पीपीएस बिल्डर को दिया गया था, जबकि रेलवे माल गोदाम से सिटी कोतवाली तक का काम ठेकेदार अतुल कोररिया को सौंपा गया था। आरोप है कि दोनों मुख्य ठेकेदारों ने काम पेटी पर दूसरे लोगों से कराया। पीपीएस बिल्डर के हिस्से का काम आशीष शुक्ला और अतुल कोररिया के हिस्से का काम अतुल गौतम ने किया।
सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए निर्माण में इस्तेमाल किए गए डामर मिक्स की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि निर्धारित अनुपात के अनुरूप डस्ट और डामर का इस्तेमाल नहीं किया गया। डामर कम लगे इसलिये डस्ट की मात्रा कर करके मिक्स में गिट्टी की मात्रा बढ़ाई गई। इससे सड़क की सतह अपेक्षित मजबूती हासिल नहीं कर सकी। बारिश का पानी सड़क की कमजोर परतों में पहुंचने के बाद जगह-जगह गड्ढे बनने लगे। सवाल यह भी है कि यदि सड़क का काम मानकों के अनुरूप नहीं था तो निर्माण के दौरान निरीक्षण करने वाले तकनीकी अमले ने आपत्ति क्यों नहीं की और भुगतान से पहले गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई। पीपीएस बिल्डर के काम की निगरानी इंजीनियर पुनीत चौहान तथा अतुल कोररिया के हिस्से की निगरानी इंजीनियर रविराज सिंह पटेल के जिम्मे बताई गई है। सड़क की मौजूदा स्थिति के बाद अब इन दोनों स्तरों पर हुई निगरानी की भी जांच की मांग उठ रही है।
सतना शहर में स्टेशन रोड इकलौती सड़क नहीं है जो खराब हुई है। शहर की 90 फीसदी से ज्यादा सड़कें जो डामरीकृत बनाई गई हैं वे खराब हो चुकी है। इसके पीछे कमीशन का बड़ा खेल बताया जा रहा है। कमीशन के बाद भी ठेकेदार लाभ कमाने के लिए डामर की मात्रा में जमकर चोरी की और अफसर भी आंख बंद कर लिए। इसके अलावा रोड के डामर के काम का एक बड़ा हिस्सा उस ठेकेदार को सिस्टम से मिला जिसमें एक जनप्रतिनिधि पर पार्टनर होने के आरोप लग रहे हैं। लिहाजा वे चुप्पी साध कर बैठ गए हैं।
Updated on:
28 Aug 2026 10:08 am
Published on:
28 Aug 2026 10:08 am
