
सतना। चित्रकूट को पर्यटन की अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा करीब 3 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणाएं की जा चुकी हैं। इन बड़े कामों के बीच चित्रकूट विकास प्राधिकरण के गठन के समय यह उम्मीद जताई गई थी कि पर्यटन नगरी के समग्र विकास में प्राधिकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की एकीकृत प्लानिंग व मॉनिटरिंग का माध्यम बनेगा। लेकिन गठन के बाद प्राधिकरण को ऐसी कोई औपचारिक जिम्मेदारी नहीं मिली। अब उसकी भूमिका नगर विकास स्कीम तैयार करने तक सीमित दिखाई दे रही है। आगे चल कर इस स्कीम के दायरे में आने वाली निजी जमीनों का अधिग्रहण भी शामिल हैं। लेकिन इन जमीनों के अधिग्रहण में कोई भुगतान नहीं किया जाएगा बल्कि डेवलप करके आधी जमीन भू-स्वामी को दे दी जाएगी और आधी जमीन प्राधिकरण अपने उपयोग में ले लेगा।
नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय द्वारा 1 जुलाई को आयोजित की गई प्रदेश के विकास प्राधिकरणों और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की समीक्षा बैठक के कार्यवाही विवरण से यह यह रहस्योद्घाटन हुआ है। इसके अनुसार चित्रकूट विकास प्राधिकरण को चित्रकूट के कामता ग्राम में नगर विकास स्कीम लाने की तैयारी शुरू करने के निर्देश शासन स्तर से दिए गए हैं। स्कीम में होटल, शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के साथ आवासीय सुविधाएं प्रस्तावित की जाएंगी। आवासीय स्कीम में डोरमेट्री, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और सितारा होटल रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्राधिकरण को मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 50(1) के तहत प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। सामान्य भाषा में समझे तो इसके तहत अब चित्रकूट विकास प्राधिकरण कामता क्षेत्र के विकास के लिए स्कीम तैयार करने की घोषणा करेगा।
इस पूरी कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू जमीन से जुड़ा है। निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण कामता क्षेत्र में स्कीम तैयार करेगा। इसमें स्कीम की सीमा, भूमि उपयोग और प्रस्तावित सुविधाओं का निर्धारण किया जाएगा। इस नगर विकास स्कीम के चिन्हित क्षेत्र में अगर कोई निजी भूमि शामिल होती है और स्कीम के क्रियान्वयन के लिए वह भूमि आवश्यक मानी जाती है, तो उसे कानून में निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राधिकरण भूमि स्वामी से ले लेगा।
प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई स्कीम एरिया में जो भी निजी जमीन आएगी उसे प्राधिकरण ले तो लेगा लेकिन उस जमीन का राशि के रूप में भुगतान नहीं किया जाएगा। निजी भूमि स्वामी से जमीन लेने के बाद प्राधिकरण उस जमीन को विकसित करेगा। वहां योजना अनुसार आवश्यक रोड, नाली, बिजली सहित अन्य सुविधाएं तैयार की जाएंगी। यह जमीन विकसित करने के बाद मूल भूमि स्वामी को उसकी ली गई जमीन की आधी जमीन वापस कर दी जाएगी। शेष आधी जमीन का उपयोग प्राधिकरण अपने उपयोग में करेगा।
चित्रकूट में इस विकास योजना को घाटे का सौदा माना जा रहा है। क्योंकि यहां छोटे छोटे भूमि स्वामी है, ऐसे में उनकी जमीन ले ली जाती है और उसका आधा हिस्सा वापस किया जाता है तो विकसित जमीन का भले मूल्य बढ़ जाएगा लेकिन उतना नहीं होगा जितना मूल्य उसकी ले ली गई आधी जमीन का होगा। इसके अलावा सड़क के किनारे की जमीनों में भी यह नुकसान का सौदा होगा। हालांकि अभी स्कीम कैसी और किस क्षेत्र में तैयार हो रही है यह सामने नहीं आया है लेकिन इसको लेकर शंकाएं पैदा होने लगी हैं।
सवाल: प्राधिकरण के कार्य दायित्वों में अभी क्या शामिल है?
अध्यक्ष : मौजूद दौर में नगर विकास की स्कीम तैयार करने का कार्य शामिल है?
सवाल: स्कीम का आशय क्या है?
अध्यक्ष: चित्रकूट के कामता क्षेत्र में एक प्लानिंग एरिया तय करके उसको विकसित किया जाएगा। इसमें व्यावसायिक और आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। चिन्हित क्षेत्र में आने वाली शासकीय और निजी जमीनों को विकसित किया जाएगा।
सवाल: निजी जमीनों को विकसित कैसे किया जाएगा?
अध्यक्ष: स्कीम एरिया में जो भी निजी जमीन आएगी, उस जमीन को प्राधिकरण ले लेगा। इस जमीन को व्यावसायिक अथवा आवासीय अनुरूप सड़क, नाली आदि सुविधाएं तैयार करेगा।
सवाल: निजी जमीन लेने के लिए क्या भू-अर्जन किया जाएगा?
अध्यक्ष: इसे आप ऐसे समझे कि संबंधित भूमि स्वामी से प्राधिकरण जमीन लेगा। उसे विकसित करेगा। पूर्ण विकसित जमीन का 50 फीसदी हिस्सा भूमि स्वामी को दे दिया जाएगा। शेष 50 फीसदी हिस्सा प्राधिकरण अपने पास रखेगा। जमीन का विकास कार्य होने से जमीन के रेट बढ़ जाएंगे, जिसका लाभ भूमि स्वामी को होगा। लिहाजा उसे कोई राशि जमीन की नहीं दी जाएगी।
सवाल: 3 हजार करोड़ के कार्यों की जो घोषणा है उसमें प्रधिकरण की क्या भूमिका है?
अध्यक्ष: अभी तो कुछ नहीं है। जब डीपीआर तैयार हो जाएगा और आगे पूरी स्थिति स्पष्ट होगी तब आगे जाकर यह काम प्राधिकरण के जिम्मे हो सकते हैं। लेकिन अभी कुछ स्पष्ट नहीं है।
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Updated on:
23 Aug 2026, 1:07 PM IST
Published on:
23 Aug 2026, 1:07 PM IST
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