
सतना। सतना जिले की अमरपाटन विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। अमरपाटन से विस उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह विधायक हैं। ये सीट कांग्रेस की परम्परागत सीट मानी जाती है। डॉ. सिंह पहली बार 1980 में विधायक निर्वाचित हुए थे। फिर दूसरी 1993 में 10वीं विधानसभा के लिए निर्वाचित होकर दिग्विजय मंत्रिमंडल में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री बने। उसके बाद 1996 से उन्हें इसके अलावा पर्यावरण विभाग भी दे दिया गया।
2003 और 2013 में विधायक बनाकर चौथी बार क्षेत्र की जनता ने विधानसभा भेजा। वे 10 जनवरी 2014 को विधान सभा का उपाध्यक्ष बनाए गए। कई ऐसे मौके आए जब भाजपा व जनसंघ के विधायक भी रहे हैं। इस सीट पर तीन चुनाव से मुख्य लड़ाई भाजपा व कांग्रेस के बीच रहती है। लेकिन वोट बैंक के आधार में बसपा भी कमजोर नहीं है, मामूली चूक भाजपा-कांग्रेस को भारी पड़ सकती है।
अमरपाटन : भाजपा से ज्यादा गुटबाजी चुनौती
विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह की सीट है। वर्ष 2008 में भाजपा के रामखेलावन विधायक बने थे। इस बार भी दोनों के बीच ही मुख्य मुकाबला है। हालांकि विस उपाध्यक्ष को भाजपा से ज्यादा चुनौती कांग्रेसी गुटबाजी से मिलने वाली है। एक ओर भाजपा अपना विधायक बनाना चाहती है, वहीं कांग्रेस के सामने सीट बचाने की चुनौती है।
विधानसभा चुनाव 2013 के वोट
- कांग्रेस डॉ. राजेंद्र सिंह 48,341
- भाजपा रामखेलावन पटेल 36,602
ये हैं चार मुद्दे
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, सड़क की बदहाल स्थिति, बेरोजगारी।
भाजपा मजबूत दावेदार
- रामखेलावन पटेल - पूर्व विधायक व जातिगत समीकरण
- रत्नाकर चतुर्वेदी - जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष
कांग्रेस मजबूत दावेदार
- दिलीप मिश्रा- पूर्व जिला अध्यक्ष, संगठन में मजबूत।
- कमलेश्वर पटेल- पूर्व जिला पंचायत सदस्य।
ये भी ठोक रहे ताल
- छंगे लाल पटेल- बसपा की टिकट पर 2013 में चुनाव लड़ चुके।
- धर्मेंद्र सिंह तिवारी- क्षेत्र में पकड़, 2013 में निर्दलीय मैदान में थे।
- जीतेंद्र चौरसिया - आम आदमी पार्टी के नेता, घोषित प्रत्याशी
जातिगत समीकरण
- ब्राह्मण, पटेल मतदाता ज्यादा हैं। हरिजन व कोल महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। क्षेत्र का पूरा समीकरण इन जातियों के ईद-गिर्द घूमता है।
चुनौतियां
- हर वर्ग को अपने पक्ष में करना चुनौती।
- गुटबाजी को खत्म करना। विकास व बेरोजगारी के मुद्दे पर जनता को समझाना।
विधायक की परफॉर्मेंस
- स्कूल शिक्षा, स्वास्थ के क्षेत्र में काम हुआ। लेकिन, सड़क, बिजली, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सही नहीं उठाए जा सके।
समस्याओं के समाधान से ज्याद राजनीति हुई है। कांग्रेस व भाजपा दोनों ने कुछ नहीं किया।
- राकेश अग्रवाल, रहवासी