
सतना। चित्रकूट में 24 से 26 अक्टूबर तक आयोजित शरदोत्सव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में सांसद सहित आयोजनकर्ता अधिकारी दोषी पाए गए हैं। मामले में प्रमुख सचिव संस्कृति विभाग को संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए लिखा जा रहा है। यह कार्रवाई आरओ द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने की है। प्रतिवर्ष संस्कृति विभाग द्वारा चित्रकूट में शरद पूर्णिमा के अवसर पर शरदोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस बार यह तीन दिवसीय आयोजन चित्रकूट में 24 से 26 अक्टूबर तक किया था।
यह शासकीय आयोजन होता है, ऐसे में आचार संहिता के दौरान किसी भी राजनीतिक व्यक्ति व जनप्रतिनिधि को बतौर अतिथि निमंत्रित नहीं किया जा सकता और न ही उनसे दीप प्रज्ज्वलन कराया जा सकता। लेकिन आयोजन के दौरान सांसद गणेश सिंह से बतौर अतिथि दीप प्रज्ज्वलित कराया गया। मामले की शिकायत कांग्रेस ने चुनाव आयोग सहित जिला निर्वाचन अधिकारी से की। यह भी कहा कि आयोजन के दौरान पंजाब के भाजपा के स्टार प्रचारक हंसराज हंस को कार्यक्रम में बतौर कलाकार बुलाकर आचार संहिता का उल्लंघन किया गया।
आरओ को दी जांच
कांग्रेस की शिकायत मिलने पर जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल जैन ने इसकी जांच आरओ ओम नारायण सिंह को दी। इस पर उन्होंने संबंधित पक्षों सहित एफएसटी टीम के सदस्यों, मौजूद लोगों सहित जिम्मेदारों के बयान दर्ज किये। इसके आधार पर उन्होंने कलेक्टर को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसमें सांसद गणेश सिंह सहित आयोजनकर्ता अधिकारी आचार संहिता उल्लंघन के दोषी पाए गए हैं। प्रतिवेदन में सांसद द्वारा दीप प्रज्वलन की फोटो को भी महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया है।
प्रमुख सचिव को पत्र
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार मामले में प्रमुख सचिव संस्कृति विभाग को पत्र लिखा जा रहा है कि आचार संहिता उल्लंघन के संबंधित दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए।