पत्रिका की चुनावी अदालत में बोले सतना के कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा...
सतना। पहला मौका है, जब सतना में जाति व धर्म के आधार पर चुनाव नहीं हो रहा है। मुद्दे की राजनीति हो रही है। यह बात पत्रिका की चुनावी अदालत में कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा ने कही। उन्होंने साफगोई के साथ अपनी बातें रखी। स्वीकार किया कि अनुभवी चेहरे के सामने युवा के रूप में मैदान में हैं, लेकिन वे किसी भी रूप में कमजोर नहीं हैं। मुझे किसी का टिकट काटकर उम्मीदवार नहीं बनाया गया है, बल्कि प्रत्याशी बनाते समय जिले व संभाग में राजनीतिक सामंजस्य रखा गया है।
प्रश्न: जनता आप पर भरोसा जताकर वोट क्यों दे?
उत्तर: अभी तक सतना की राजनीति में जाति-धर्म का समीकरण हावी रहता था। पहला मौका है, जब चुनाव जाति-धर्म और कट्टरता पर नहीं लड़ा जा रहा है। इसकी मुख्य वजह मैं हूं। विकास पर चर्चा हो रही, मुद्दे को लेकर जनता मुखर है। इस विश्वास पर जनता से वोट मांग रहा हूं।
प्रश्न: भाजपा ने तीन बार के विधायक को प्रत्याशी बनाया है। अनुभवी चेहरा हैं, आप युवा। जीत का समीकरण कैसे तय करेंगे।
उत्तर: युवा व अनुभवी चेहरे की बात नहीं है। पहली बात समझनी होगी कि हमारे शहर की पहचान हो। यह तब होगा, जब विकास के मुद्दों पर काम होगा। जनता के काम होंगे। अभी तक जो नेता जीतकर आए, उन्होंने जनता को दरकिनार कर परिवार को महत्व दिया। जो उनके राजनीतिक साथी थे, वे भी दूरी बना चुके हैं। मेरे लिए परिवार से पहले जनता की प्राथमिकताएं है। उनकी समस्या पहले है। सभी को साथ लेकर चलना है। इसी आधार पर जीत का रास्ता तय होगा।
प्रश्न: कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ आपके साथ नहीं है, क्या पार्टी में आपको लेकर स्वीकार्यता नहीं है ?
उत्तर: नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, कुछ लोग व्यक्तिगत कारणों से अभी तक प्रचार के दौरान नहीं दिख पा रहे थे। वे शहरी क्षेत्र में आने पर आपको दिखेंगे। पूरी पार्टी एकजुट है, कहीं कोई गुटबाजी नहीं है। मैं युवा हूं, पर पार्टी के वरिष्ठों का सम्मान करता हूं, सभी को साथ लेकर चल रहा हूं।
प्रश्न: कांग्रेस की सरकार नहीं बनी तो इन समस्याओं का समाधान कैसे करेंगे?
उत्तर: सरकार लोगों का काम करने के लिए बनती है। विधायक की जिम्मेदारी सरकार तक क्षेत्र की बात ले जाना है, जो मैं हमेशा करूंगा। हमारी सरकार होगी, तो आसानी होगी। भाजपा की सरकार में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। पर मुझे कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। पिछली बार भाजपा के पक्ष में माहौल था, जनता कांग्रेस की बात सुनना ही नहीं चाह रही थी। लोकसभा में भी ऐसा हुआ, लोग बिना प्रत्याशी देखे भाजपा के साथ जा रहे थे, पर इस बार माहौल कांग्रेस के पक्ष में है।
प्रश्न: शहर को लेकर आपकी पांच प्राथमिकताएं क्या हैं?
उत्तर:
1- पहली प्राथमिकता हराभरा सतना है। विकास के नाम पर पेड़ों का कत्लेआम हुआ, छाव नहीं मिलती।
2- दूसरा साफ शहर व पीने योग्य पानी।
3- तीसरी प्राथमिकता 30-50 साल के मद्देनजर यातायात व्यवस्था। अभी जाम से लोग परेशान है, शहर की ट्रेफिक डिजाइन गलत है। स्कूली बच्चे, कार के साथ पैदल चलने वाले भी सुरक्षित नहीं हैं।
4- चौथी प्राथमिकता जिला अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर करना। अभी ढंग का आइसीयू तक नहीं है।
5- पांचवीं प्राथमिकता नशामुक्ति है, शराब से अपराध बढ़ रहा है, लूट जैसी घटनाएं हो रही हैं। जिले में शराब का ठेका 1-2 करोड़ में होता था, अब एक दुकान का ठेका 15-20 करोड़ का है। विकास के लिए नशामुक्ति जरूरी है।
प्रश्न: 2013 में भाजपा भी 12 फीसदी के अंतर से जीती। इस बड़े अंतर को आप कैसे पाटेंगे?
उत्तर: यह जनता का काम है, मैं अपनी टीम के साथ अपनी बात मतदाताओं तक पहुंचाने का काम रहा हूं। 12 क्या, 22 फीसदी के अंतर को भी पाट सकते हैं। लगातार लोगों को जोड़ रहे हैं। हमारे मुद्दों पर लोग भरोसा कर रहे हैं।