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TOTAL SCAN: पिछड़ेपन का दंश झेलते रैगांव में पुराने वादों के साथ मैदान में नेता, इस तरह समझे गुणा-गणित

रैगांव विधानसभा क्षेत्र
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सतना

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Suresh Mishra

•

Updated: 15 Nov 2018, 4:24 PM IST

MP election 2018: purane vado ke satha maidan me neta

MP election 2018: purane vado ke satha maidan me neta

भारत भूषण श्रीवास्तव@सतना। रैगांव विस क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति राजनीति को रोचक बना रही है। भाजपा से पूर्व मंत्री जुगुल किशोर बागरी, बसपा से वर्तमान विधायक ऊषा चौधरी व कांग्रेस से युवा नेत्री कल्पना वर्मा मैदान में हैं। सभी अपने वादे व राजनीतिक समीकरण के आधार पर चुनावी रणभेरी को भेदने की जुगत लगा रहे हैं। लेकिन, सबसे बड़ी समस्या जनता के सामने है।

जिनको मौका दिया, वे समस्या दूर नहीं कर सके। एक बार फिर से उन्हीं वादों के साथ वोट मांग रहे हैं। क्षेत्र पिछड़ेपन का दंश झेल रहा है और जनप्रतिनिधियों के लिए राजनीति शहीद, शहादत व जाति गणित तक सिमटकर रह गई है। रमेश ने बताया कि कोठी व सिंहपुर बड़े कस्बे हैं। रैगांव व करसरा बड़े गांव हैं। सिंहपुर व कोठी में शासकीय कॉलेज चुनावी मुद्दे तक सिमटकर रह गया। सिंहपुर का स्टेडियम आज तक पूरा नहीं हुआ।

चार हाइवे, फिर भी विकास नहीं
यहां के राजनाथ सिंह ने बताया कि रैगांव की दो तस्वीर है, हाइवे के मामले में समृद्ध है, सतना-चित्रकूट, सतना-बमीठा, नागौद-कलिंजर व सिंहपुर-करसरा-कोठी-सुंदरा मार्ग का बड़ा हिस्सा इससे होकर गुजरता है। दूसरी तस्वीर है कि सैकड़ों गांव ऐसे हैं, जो मुख्य मार्ग से कटे हैं। इन परिस्थितियों के बीच रैगांव पिछड़े क्षेत्र का दंश झेल रहा।

रणमत सिंह का मान
इन दिनों राजनीति में ठाकुर रणमत सिंह के मान सम्मान को लौटाने की बात भी खूब चर्चा में है। एक बड़ा वर्ग चाहता है कि उनकी गढ़ी को सहेजा जाए, साथ ही क्षेत्र में आदमकद प्रतिमा की स्थापना हो। कोठी राजघराने के युवराज हषवर्धन ङ्क्षसह कहते हैं कि रीवा ने रणमत सिंह को सम्मान दिया, उनके नाम पर कॉलेज तक है। हम अपने गृह क्षेत्र में सम्मान नहीं लौटा पा रहे हैं। राजनीति से हटकर विचार करना होगा।

कृषि बड़ा रोजगार
पूरे क्षेत्र के लिए कृषि बड़ा रोजगार है। क्षेत्र में बरगी और बाणसागर का पानी प्रमुख मुद्दा है। लेकिन, शत-प्रतिशत हिस्से में नहर नहीं पहुंच सकी। अगर, ऐसा होता है, तो क्षेत्र के लोग अपने स्तर पर विकास कर लेंगे। कोठी के विपन सिंह कहते हैं कि नेता विधायक बनने के बाद सतना शिफ्ट हो जाते हैं। आवारा मवेश यहां की बड़ी समस्या हैं।

जनता के बीच रहे प्रतिद्वंद्वी
बसपा की विधायक ऊषा चौधरी लगातार सक्रिय रहीं। गत चुनाव के भाजपा प्रत्याशी रहे पुष्पराज बागरी और कांग्रेस की कल्पना वर्मा भी सक्रिय रहीं।

रैगांव के मुद्दे
- कोठी, रैगांव व सिंहपुर में महाविद्यालय।
- शहीद रणमत सिंह की गढ़ी सहेजी जाए,
- बरगी व बाणसागर का पानी क्षेत्र में आए।
- छरहना नाला को विकसित कर सिंचाई के लिए पानी लाएं।
- भरजुना मंदिर का विकास।
- सिंहपुर स्टेडियम का अधूरा निर्माण पूरा हो।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर हो।
- रैगांव, सिंहपुर-कोठी अस्पताल का उन्नयन