
MP Measles Outbreak: मध्यप्रदेश में टीकाकरण के नाम पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। इसका खुलासा संक्रामक बीमारी मीजल्स (खसरा) के फैलने के बाद हुआ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव मीरा श्रीवास्तव ने 29 अप्रेल को पत्र से राज्य सरकार को अलर्ट किया था।
मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल को लिखे पत्र में कहा था, MP में खसरा संक्रमण जारी है। कुछ जिलों से मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। समय रहते टीकाकरण व्यवस्था पुख्ता बनाएं। लेकिन राज्य का स्वास्थ्य विभाग सोया रहा।
नतीजा, मार्च तक ही 1134 खसरे के मरीज मिले। पत्रिका ने खसरे के मरीजों के मिलने का खुलासा किया तो अफसर लापरवाही छिपाने के लिए बहाने बनाने लगे।
बता दें कि 11 जिलों में बचाव के लिए टीकाकरण में 100% से ज्यादा लक्ष्य पाने के दावे किए गए हैं। इसके बावजूद इन जिलों में लगातार मरीज मिल रहे हैं। यानी तस्वीर साफ है कि टीकाकरण में फर्जीवाड़ा हुआ। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी रिपोर्ट में कहा, इससे पता चलता है, इम्युनिटी में कुछ कमी रही।
भोपाल, विदिशा, बुरहानपुर, दतिया, भिंड, ग्वालियर, झाबुआ, आलीराजपुर, राजगढ़, श्योपुर में एमआर टीकाकरण के दोनों डोज कागजों पर 100% + दिए गए। फिर भी पिछले साल से ज्यादा खसरे के मरीज सामने आ रहे हैं।
रतलाम - 23 - 123 - 81.1 - 78.4
मुरैना - 211 - 103 - 94.5 - 90.1
भिंड - 142 - 92 - 110.6 - 105.3
विदिशा - 15 - 76 105.3 - 101.5
भोपाल - 32 - 65 - 122.5 - 117.7
मध्यप्रदेश - 2240 - 1134 - 99.5 - 96.3