
पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी (Photo Source- Patrika)
Petrol Diesel Price Hike : मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के हालात और ईंधन आपूर्ति पर बढ़ते दबाव का असर अब भारतीय आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने लगा है। इसी बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने आज से देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर दी है, जिसका असर अब मध्य प्रदेश वासियों पर भी पड़ेगा। हालांकि, पेट्रोलियम कंपनी ने पेट्रोल की कीमतों में औसत 3.14 प्रति लीटर की दर से बढ़ोतरी की है, जबकि डीजल के दामों में 3.11 रूपए प्रति लीटर की दर से बढ़ोतरी की है। लेकिन, अलग अलग शहरों में ये कीमतें अलग अलग दर से लागू होंगे, क्योंकि, हर शहर तक पेट्रोल डीजल पहुंचने का ट्रांसपोर्टेशन शुल्क बदल जाता है।
ऐसे में बात करें ग्वालियर की तो यहां पेट्रोल पर 3.28 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.10 की बढ़ोतरी की गई है। शुक्रवार सुबह से मध्य प्रदेश के ग्वालियर समेत कई जिलों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें सुबह 6 बजे से लागू की जा चुकी हैं।
ग्वालियर में पेट्रोल के दाम में 3.28 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद अब पेट्रोल 109.70 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 106.42 रुपये प्रति लीटर थी। वहीं, डीजल के दाम में 3.10 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। अब डीजल 94.90 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है, जो पहले 91.80 रुपए प्रति लीटर था। पेट्रोल-डीजल के ये ताजा भाव बहोड़ापुर स्थित मिलन फिलिंग पेट्रोल पंप से लिए गए हैं। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से आम लोगों के घरेलू बजट और परिवहन खर्च पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच अब मध्य प्रदेश के आम लोगों की जेब पर तेल कीमतों में आए बड़े उछाल का झटका लगा है। अब आम लोगों को पेट्रोल डीजल खरीदी पर एकाएक 3 रूपए से ज्यादा का भार झेलना पड़ेगा। बता दें कि, तेल की खुदरा कीमतों में करीब 4 साल बाद बदलाव हुआ है। इससे पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी तेल के दाम बढ़ाए जाने का इशारा दिया था। उनके बयान के बाद से यह कयास लगाए जाने लगे थे कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्द इजाफा हो सकता है।
सरकारी तेल कंपनियों की ओर से शुक्रवार सुबह जारी तेल की खुदरा कीमतों में देशभर में बदलाव दिख रहा है। नई दरें देर रात से लागू की जा चुकी हैं। पेट्रोलियम कंपनियों ने पहले ही महंगे क्रूड की वजह से रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपए के नुकसान का दावा किया था। पेट्रोलियम मंत्री ने भी कहा था कि, अगर तेल के खुदरा दाम नहीं बढ़ाए गए तो तेल कंपनियों का घाटा एक तिमाही में ही 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच जाएगा। हालांकि, पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम में जो बढ़ोतरी की गई है, घाटे के मुकाबले कम ही है।
आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों की अपील की थी। इसपर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले के 13 वाहनों में सिर्फ 8 को ही साथ चलने की घोषणा की थी। साथ ही, मंत्री विधायकों से भी ईंधन की बचत करने की अपील की थी।
Updated on:
15 May 2026 08:42 am
Published on:
15 May 2026 08:42 am
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