बॉर्डर मीटिंग: आईजी के साथ तीन जिलों के एसपी ने बनाई रणनीति, उप्र पुलिस के साथ मिलकर तेज होगा ऑपरेशन, अभियान तेज
सतना। मप्र और उप्र के सीमाई इलाकों में सक्रिय दस्यु दलों के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज कर दिया गया है। शनिवार को सतना में हुई बार्डर मीटिंग में रीवा जोन आईजी उमेश जोगा की मौजूदगी में एसपी सतना राजेश हिंगणकर, एसपी रीवा ललित शाक्यवार और एसपी कर्वी प्रताप गोपेन्द्र ने रणनीति तय की है। अहम बात यह रही कि अब दोनों राज्यों की पुलिस जीपीएस की मदद से घने जंगलों की बीच डकैतों को घेरेगी।
सक्रिय हैं दो गिरोह
तराई में इन दिनों दस्यु बबुली कोल और महेन्द्र पासी का गिरोह सक्रिय है। सदस्यों मददगारों के बारे में दोनों राज्यों की पुलिस ने जानकारी साझा की है। इन बदमाशों का मूवमेंट और घटनाओं पर भी गौर किया गया। दस्यु समस्या से निपटने फिर सतना के पांच थाने, रीवा के तीन, कर्वी के चार थाने और बांदा जिले के दो थानों की पुलिस ने साझा अभियान छेड़ा है।
मैप से देखा जंगल
मीटिंग में प्रोजेक्टर पर ऑनलाइन गूगल मैप से जंगल की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की गई। जंगल के कुछ खास इलाकों को दोनों राज्यों की पुलिस ने चिह्नित करते हुए टारगेट पर लिया है। इस मीटिंग में तकनीक पर ज्यादा जोर दिया गया। बार्डर में सुरक्षित ठिकानों को भी चिह्नित करते हुए अब पुलिस ऑनलाइन फोकस कर रही है।
करेंगे मदद
बार्डर मीटिंग में एक खास बात यह भी सामने आई कि कई बार दस्यु दल के सदस्य उप्र में वारदात कर मप्र में छिपते हैं और इसी तरह मप्र से भागकर उप्र के इलाकों में शरण लेते हैं। इस तरह के बदमाशों तक पहुंचने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस समन्वय बनाकर काम करेगी, ताकि तराई में दस्यु दल कोई हरकत न कर सके।
मोबाइल एप का करेंगे उपयोग
एसपी कर्वी ने सतना और रीवा एसपी को एक एप के बारे में बताया। इस एप से जीपीएस के जरिए सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। एसपी सतना ने बताया कि ऑनलाइन तकनीक को अपनाते हुए दोनों राज्यों की पुलिस का मूवमेंट लगातार चलेगा। मीटिंग में तय किया गया है कि सफलता मिलना मकसद है, श्रेय किसी को भी जाए।