
सतना। महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी एंड जू मुकुंदपुर में चार नए मेहमानों की आमद हुई है। इसके लिए मुकुंदपुर से बिलासपुर के कानन पिंडारी और भिलाई के मैत्रीबाग चिडिय़ाघर दल भेजा गया था। बिलासपुर से बब्बर शेर शिवा (नर) व जैसमिन (मादा) को लाया गया है।
इनके साथ ही मैत्रीबाग भिलाई से व्हाइट टाइगर का जोड़े गोपी तथा सोनम भी लाए गए हैं। सुबह ही टीम इन वन्यजीवों को लेकर पहुंच गई थी। इनकी अगवानी के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पहुंचना था, लेकिन भोपाल में आवश्यक मीटिंग होने की वजह से वह सुबह ही रीवा से रवाना हो गए।
सीएम ने जाते समय मंत्री राजेन्द्र शुक्ला से वहां जाने के लिए कहा था। इसके चलते मंत्री के साथ रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा व अन्य जनप्रतिनिधि भी पहुंचे। उद्योग मंत्री शुक्ला ने कहा कि यह दिन रीवा तथा विंध्य के लिए ऐतिहासिक है। विंध्य में पहली बार बब्बर शेर आए हैं। उन्होंने कहा कि सफेद बाघ रीवा की पहचान है। बब्बर शेर का मिलना बड़ी उपलब्धि है।
सप्ताह भर बाद आम दर्शक देख पाएंगे
बब्बर शेर और सफेद बाघ के जोड़े को लंबी यात्रा से आने की वजह से अभी बाड़े के नाइट हाउस में रखा गया है। इन्हें आम दर्शकों के लिए सप्ताह भर बाद बाड़े में छोड़ा जाएगा। नए स्थान पर आने के चलते बब्बर शेर स्थिर नहीं है, वह लगातार दहाड़ मारता रहा। जबकि सफेद बाघ नाइट हाउस में शांत रूप से रहे। चिडिय़ाघर प्रबंधन का कहना है कि जब यहां के माहौल से वह परिचित हो जाएंगे तो आम दर्शकों के लिए छोड़ा जाएगा।
डाक्यूमेंट्री सिनेमाघरों में होगी प्रदर्शित
मंत्री ने बताया कि व्हाइट टाइगर पर डाक्यमेंट्री फिल्म बनाई गई है। जिसे प्रदेश के साथ ही देश के अन्य स्थानों पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा। इससे सफेद बाघों के साथ ही विंध्य और मुकुंदपुर के टाइगर सफारी व चिडिय़ाघर के बारे में भी लोग जान सकेंगे। उन्होंने कहा कि इन दिनों 22 बाड़ों का कार्य निर्माणाधीन है, इनके पूरा होने के बाद कुल 39 बाड़े हो जाएंगे।
492 जानवरों को रखा जाएगा
जहां पर 492 जानवरों को रखा जाएगा। इस दौरान रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने भी कहा कि सफेद बाघ विंध्य के गौरव हैं। इनका अपनी भूमि पर होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। जानवरों की अगवानी के लिए रीवा राजघराने के पूर्व मंत्री पुष्पराज सिंह, विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष सिंह, सीसीएफ एम काली दुरई, सतना डीएफओ राजीव मिश्रा सहित अन्य मौजूद रहे।
पहले दिन आहार पूरा नहीं लिया
दोपहर वन्य जीवों को नाइट हाउस में भोजन भी दिया गया है। बताया गया है कि फिलहाल इन्हें पुराने डायट के आधार पर आहार दिया जाएगा। इसके बाद यहां के वातावरण के हिसाब से उनकी रुचि के आधार पर आहार बढ़ाया भी जा सकता है।
सामान्य आहार 16 किलो
चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के दिनों आहार जानवरों का कम हो जाता है। अभी बब्बर शेर का सामान्य आहार 16 किलो का बताया गया है। जबकि बाघों का 10 से 12 किलो है। चिडिय़ाघर के चिकित्सक डॉ. राजेश तोमर का कहना है कि चारों जानवर पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं।
बब्बर शेर और सफेद बाघ का जोड़ा चिडिय़ाघर पहुंच चुका है। नए वातावरण में इन्हें लाया गया है इस कारण करीब सप्ताह भर बाद ही आम दर्शकों के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा। फिलहाल बाड़ों के नाइट हाउस में इन्हें रखा गया है।
संजय रायखेड़े, संचालक चिडिय़ाघर मुकुंदपुर