
change maker Patrika new campaign for clean politics
सतना। राजनीति में अच्छे लोग आगे आएंगे। जानकार आगे आएंगे तो इससे विकास को गति मिलेगी। राजनीतिक स्वच्छता के लिए पत्रिका द्वारा जो पहल की गई है, इसके आने वाले दिनों में सकारात्मक परिणाम आएंगे। शुक्रवार को पत्रिका महाभियान 'चेंजमेकर: बदलाव के नायक' अभियान 'स्वच्छ करें राजनीति' के तहत टॉक शो में डॉक्टर्स और समाजसेवियों ने बेबाक राय रखी।
सभी ने कहा कि पत्रिका के प्रयास से एक नई क्रांति का बिगुल बज गया है। जब समाज की सोच बदलेगी, तो राजनीति से धनबल, बाहुबल समाप्त होगा। पत्रिका के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य करने का संकल्प लिया।
ये सुझाव भी आए
- जिले में जो भी लोग समाजसेवा सहित अच्छे कार्य कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
- यह अच्छा प्रयास है। रेण्डम सैंपलिंग को प्रदर्शित करता है। बदलाव के लिए इसे निरंतर जारी रहना चाहिए।
- चेंज मेकर अभियान से बदलाव आएगा। अच्छे लोग एकजुट होंगे। एक मंच मिलेगा। लोगों के सुझाव पर भी विचार किया जाए।
- अभियान से समाजेसवा से जुड़े लोगों को ऊर्जा मिल रही है। इसे लगातार और चुनावों के बाद भी चलाया जाना चाहिए।
- राजनीति में आने वाले लोगों को अभियान से एक्सपोजर मिलेगा, जो कि बदलाव में महती भूमिका अदा करेगा।
- सकारात्मक बातों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। नकारात्मक काम को प्रश्रय नहीं मिलना चाहिए।
अब राजनीति फुल टाइम जॉब है। चिकित्सीय पेशे से राजनीति में आने तक उम्र 50 से 60 हो जाती है। जबकि इसकी शुरुआत कॉलेज स्तर से ही हो जाती है। पत्रिका का चेंजमेकर अभियान निश्चित रूप से सार्थक है। इससे जुड़कर लोगों को राजनीति की गंदगी साफ करने आगे आना चाहिए।
डॉ. संजय महेश्वरी, डायरेक्टर, बिरला हॉस्पिटल
विषय विशेषज्ञ को ही संबंधित क्षेत्र का दायित्व मिलना चाहिए। शिक्षाविद् को ही शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। या फिर जिसे जिम्मेदारी मिली है उसे एक एेसी टीम बनानी चाहिए, जिसमें जानकार हों। इससे बदलाव आएगा।
डॉ. सुनील अग्रवाल, अध्यक्ष आइएमए
राजनीति सेवा का एक बढि़या माध्यम है। चिकित्सीय पेशे की अपनी सीमाएं हैं। राजनीति की वर्तमान दशा और दिशा देख लोग इससे दूर हो जाते हैं। पत्रिका के चेंजमेकर अभियान से जुड़कर राजनीति को स्वच्छ करने आगे आना होगा।
डॉ. सुनील कारखुर, शिशु रोग विशेषज्ञ
चिकित्सक भी राजनीति में आना चाहते हैं। लेकिन, राजनीति का वर्तमान माहौल देख वे पीछे हट जाते हैं। आज की गंदी राजनीति में कोई भी चिकित्सक घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। अब समय आ गया है गंदगी साफ करने का।
डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, जिला कुष्ठ रोग अधिकारी
Published on:
07 Apr 2018 11:16 am
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