
DR BR Ambedkar Statue beheaded in Satna Madhya Pradesh
सतना। 2 अप्रैल के भारतबंद के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने गृह विभाग की एडवाइजरी के बाद भी पुलिस एवं प्रशासन की लापरवाही जारी रही। धर्म स्थल एवं महापुरुषों की मूर्तियों की सुरक्षा के निर्देशों का पालन नहीं होने का फायदा सतना में अराजक तत्वों ने उठाते हुए अमौधा स्थित अंबेडकर प्रतिमा को खंडित कर दिया। इसको लेकर एक वर्ग अक्रोशित हो गया और मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई।
बने भारी तनाव के माहौल को देखते हुए आनन-फानन में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी बल सहित मौके पर पहुंचे। इसके बाद समझाइश का दौर चला। लगभग तीन घंटे की कवायद के बाद स्थितियां नियंत्रित हुई। इसके साथ ही अंबेडकर प्रतिमा का पुन: निर्माण कार्य करा दिया गया। समझौता वार्ता के अनुरूप यहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। स्थल पर पार्क का निमार्ण किया जाएगा।
ये है पूरा मामला
बता दें कि देश में मूर्तितोड़ कांड बेखौफ जारी है। कुछ अज्ञात लोगों ने मध्यप्रदेश के सतना शहर में बाबा साहेब की मूर्ति को निशाना बनाया है। अराजक तत्वों ने गुरुवार की देर रात बाबा साहेब की प्रतिमा को उनके सर से अलग कर दिया गया है। सुबह आसपास के लोगों ने देखा तो ये बात शहर भर में हवा की तरह फैली। कुछ ही देर बात भारी संख्या में दलित समाज एकत्र हो गया। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज करने सहित गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।
वर्ग विशेष के जिम्मेदारों को समझाइश दी
आनन-फानन में मामले की जानकारी सिविल लाइन पुलिस सहित जिला प्रशासन को दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने वर्ग विशेष के जिम्मेदारों को समझाइश दी। लगभग तीन घंटे की कवायद के बाद स्थितियां नियंत्रित हुई। इसके साथ ही अंबेडकर प्रतिमा का पुन: निर्माण कराया गया। तब कहीं जाकर समाज के लोग मानने को तैयार हुए।
त्रिपूरा से हुई मूर्ति तोडऩे की शुरुआत
गौरतलब है कि मार्च में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद लेनिन की मूर्ति गिराने के बाद तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश में असामाजिक तत्वों की ओर से महापुरुषों की मूर्तियां खंडित करने का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब मध्यप्रदेश तक पहुंच गया है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ऐसी घटनाओं पर नाराजगी जता चुके हैं। गृह मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी राज्यों को विशेष सतर्कता के निर्देश देकर अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने को कहा था।
भारत बंद को लेकर बुलाया गया अतिरिक्त बल
विगत दो अप्रैल के भारत बंद को देखते हुए सतना जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिये बाहर से अतिरिक्त बल बुलाया गया है। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार डेढ़ सौ की संख्या में एसएएफ का बल 31 मार्च को बुलाया गया था। इस बल को 3 अप्रैल को वापस चला जाना था। लेकिन जिस तरीके से सोशल मीडिया में पोस्ट चल रही है।
बरती जा रही काफी सजगता
उसके देखते हुए 10 को भी संभावित बंद की स्थितियों को देखते हुए इसे रोक लिया गया है। यह बल धवारी स्थिति मंगल भवन, बिरला कम्युनिटी हाल और स्टेडियम में रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि 2 अप्रैल को जिस तरीके से कानून व्यवस्था की स्थिति बनी थी दोबारा ऐसी स्थिति न बनने पाए इसको लेकर इस बार काफी सजगता बरती जा रही है। इसीलिए इस बल को रोक कर रखा गया है।
Published on:
06 Apr 2018 01:53 pm
बड़ी खबरें
View Allसतना
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
