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भारत में सिर्फ यहां सफेद बाघों की सल्तनत, बब्बर शेर से भी यारी का मौका

वाइल्ड लाइफ : दुनिया की पहली टाइगर सफारी मुकुंदपुर में बिलासपुर और भिलाई से बब्बर शेर व सफेद बाघ का जोड़ा लाया गया , अब हो गए चार सफेद बाघ

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mukundpur white tiger

रीवा. अगर आप वाइल्ड लाइफ टूरिज्म के शौकीन हैं, शफेद शेरों से करना चाहते हैं यारी, जंगल और जंगली जानवर आपको हैं पसंद तो मध्यप्रदेश का मुकुंदपुर टाइगर सफारी कर रहा है आपका बेसब्री से इंतजार। गर्मी के इस मौसम में हरा-भरा जंगल और उसमें सफेद बाघों के साथ बब्बर शेर की दहाड़ सुनकर आप रोमांचित हो उठेंगे। शुक्रवार को भिलाई से सफेद बाघ और बिलासपुर के कानन पिंडारी से बब्बर शेर का जोड़ा और पहुंच गया है। अब सफारी में सफेद बाघों की संख्या चार हो गई है, जिसमें दो नर बाघ, गापी और दो मादा विंध्या और सोनम हैं। इसमें से बारी-बारी से ह्वाइट टाइगर सफारी में छोड़ा जाएगा। पर्यटक बाघों के साथ तमाम वन्य जीवों के भी दर्शन कर सकेंगे।

यह दुनिया की पहली टाइगर सफारी है, जिसे विशेषतौर पर सफेद बाघों के लिए बनाया गया है। 250 एकड़ क्षेत्र में फैली मुकुंदपुर चिडिय़ाघर प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। यह रीवा से 15 किलोमीटर और सतना से 55 किमी दूर है। यहां पर्यटकों को अद्वितीय अनुभव मिलता है। वे सफेद बाघों को विचरण करते देख रोमांचित हो जाते हैं। चिडिय़ाघर व टाइगर सफारी में आपको वाइट टाइगर, दहाड़ लगाते एेलो टाइगर, बब्बर शेर, शेरनी, तेंदुआ, भालू, जंगली सूअर, क्रोकोडायल, स्पॉटेड हिरन, ब्लैक बक आपको नया रोमांच और मजा देंगे।

इसलिए कहा जाता है टाइगर स्टेट
विंध्य क्षेत्र दुनिया में वाइट टाइगर के लिए जाना जाता है। दुनिया को पहली बार मोहन के रूप में वाइट टाइगर से परिचय कराने वाले रीवा रियासत के तत्कालीन महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव थे। इसके महत्व को समझते हुए ही मुकुंदपुर टाइगर सफारी का नाम महाराजा मार्तंड सिंह रखा गया गया है। सबसे पहला वाइट टाइगर मोहन का निवास स्थान भी यही था और यहीं पर उसकी संतानें पली-बढ़ीं। करीब 10 साल के प्रयासों के बाद 2016 में सफारी आमजन के लिए शुरू हो सकी। इससे सफेद बाघ की चहलकदमी फिर से विंध्य की धरती पर शुरू हो गई है। पिछले साल 2017 में सफारी में करीब 4 लाख पयर्टक यहां पहुंचे थे।

IMAGE CREDIT: Manoj singh chauhan

चार वर्ष का है बब्बर शेर
बिलासपुर के कानन पिंडारी से लाए गए बब्बर शेर के जोड़े की आयु करीब चार वर्ष बताई गई है। नंदी और जैकलीन नाम के इस जोड़े का स्वास्थ्य परीक्षण वहां के चिकित्सकों की टीम ने एक दिन पहले ही किया था। इनके डायट का चार्ट भी दिया गया है। औसत १२ किलो मांस इनका हर दिन का आहार रहेगा। चिकित्सकों ने कहा है कि गर्मी के दिनों में आहार घट भी जाता है।

IMAGE CREDIT: Manoj singh chauhan

गोपी और सोनम अब बढ़ाएंगे विंध्य की शान
भिलाई के मैत्रीबाग से आने वाला सफेद बाघ का जोड़ा जो अब तक वहां की शान बढ़ा रहा था वह अब विंध्य का गौरव बनेंगे। सोनम (बाघिन) और गोपी (बाघ) को मुकुंदपुर लाया गया है। बुधवार को मुकुंदपुर से गईटीम ने वाहनों से दो अलग-अलग पिंजरों को निकालकर एक को केज क्रमांक-7 व दूसरे को केज क्रमांक-4 में रखा है। केज-7 से गोपी को और 4 से सोनम को लाया गया।

IMAGE CREDIT: Manoj singh chauhan

कम्पलीट हो गई बिग कैट फैमिली
टाइगर सफारी में बब्बर शेर आने बिग कैट फैफिली पूरी हो गई है। नर व मादा एशियाटिक लॉयन लाने के लिए वन मंडल सतना व जू प्रबंधन एक साल से प्रयासरत था। बिलासपुर के कानन जू से बब्बर शेर व शेरनी को लाया गया है। सफारी में सफेद बाघ व तेंदुआ पहले से मौजूद हैं। बब्बर शेर और शेरनी आने से बिग कैट की फैमिली पूरी हो गई है।

IMAGE CREDIT: Manoj singh chauhan

ऐसे रहते वन्य जीव
ओपन एयर एनक्लोजर : सफारी में वन्य जीवों के लिए करीब 40 खुले बाड़े प्रस्तावित किए गए थे। इनमें से १६ पूरे हो चुके हैं। इन बाडों में सफेद बाघ, तेंदुआ व भालू विचरण करते हैं।
वाटर बॉडी और वेट लैण्ड्स : सफारी एण्ड जू में मगर, उद्बिलाव व अन्य जलचर प्राणियों के लिए ६ वाटर बॉडी मौजूद हैं। इन छोटे तालाब में मगर मौजूद हैं। वाटर बर्ड के लिए वेट लैंड्स तैयार हैं।

IMAGE CREDIT: Manoj singh chauhan
IMAGE CREDIT: Manoj singh chauhan

पर्यटकों के लिए ये हैं सफारी में इंतजाम
ड्रिंकिंग वाटर और की ओस्क बूथ, फस्र्ट एड
रेस्ट करने के लिए प्वॉइंट्स, क्लॉक रूम
विकलांग पर्यटकों के लिए व्हील चेयर और रैम्प
सिट आउट्स और विजिटर शेड्स
लाइबे्ररी और पब्लिकेशन
बैटरी आपरेटेड वाहन, पार्क, शॉप

नजदीक घूमने वाले स्थान
विंध्य क्षेत्र को उसके प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और अगर पुरातात्विक महत्व के लिए जाना जाता है। इसी वजह से यहां पर्यटक खींचे चले आते हैं। अगर आप मुकुंदपुर घूमने का मन बना रहे हैं तो यहां मैहर में शारदा मां का मंदिर , रीवा में महामृत्युंजय मंदिर, रानी तालाब, चित्रकूट व बिरसिंहपुर सहित अन्य धार्मिक स्थल हैं, जहां देवी मां और भगवान के दर्शन का लाभ भी ले सकते हैं। पास में ही प्रसिद्ध खजुराहो पर्यटन स्थल है ही। बांधवगढ़ और पन्ना नेशनल पार्क भी दूर नहीं हैं यानी की यहां रोमांच का फूल पैकेज मौजूद है।