
Satna news: एमपी के सतना जिले में 9 साल के नितिन यादव की मौत का रहस्य पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी बरकरार है। जंगल में तीन टुकड़ों में मिले बालक के क्षत-विक्षत शव को देखकर शुरुआत में जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई गई थी, जबकि परिजन लगातार हत्या की बात कह रहे थे। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि बालक की मौत जंगली जानवर के हमले से हुई या पहले उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंका गया। ऐसे में मामले की गुत्थी और उलझ गई है। पुलिस ने फोरेंसिक विशेषज्ञ की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया था। रिपोर्ट के बाद अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि तीन जरूरी सैंपल तैयार कर सागर स्थित एफएसएल लैब भेजे जाएंगे। इनमें शरीर की वह चमड़ी शामिल है, जिस पर नाखून जैसे निशान मिले हैं। इसके अलावा दांत और लार के नमूनों की भी वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निशान किसी जंगली जानवर के है या घटना के पीछे कोई अन्य कारण है। टीआइ आदित्य धुर्वे ने बताया कि इन तीनों नमूनों की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मौत जंगली जानवर के हमले से हुई या किसी व्यक्ति द्वारा हत्या के बाद शव के साथ छेड़छाड़ की गई। यदि पोस्टमार्टम से स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकला है, तो एफएसएल की रिपोर्ट जरूरी साक्ष्य दे सकती है।
पुलिस ने बताया कि शरीर की चमड़ी जिस पर नाखून जैसे निशान हैं, यह जांच करेगी कि निशान वास्तव में किसी जंगली जानवर के पंजों के हैं या किसी धारदार वस्तु या अन्य कारण से बने हैं। घाव जीवित अवस्था में लगे थे या मौत के बाद बने, इसका भी संकेत मिल सकता है। यदि घावों में जानवर की त्वचा, बाल या अन्य जैविक अवशेष मिले तो उसकी पहचान संभव हो सकती है। यदि शरीर पर काटने के निशान है, तो उनकी बनावट का अध्ययन किया जाएगा। इससे यह पता चल सकता है कि काटने वाले दांत किसी तेंदुए, भालू, लकड़बग्घे या सियार के हो सकते हैं।
कई मामलों में काटने के पैटर्न से जानवर की प्रजाति का अनुमान लगाया जा सकता है। काटे गए हिस्से या घाव से मिली लार में डीएनए हो सकता है। डीएनए परीक्षण से यह पता लगाया जा सकता है कि लार किस प्रजाति के जानवर की है। यदि लार किसी जंगली जानवर की निकली, तो उसके हमले की पुष्टि मजबूत हो जाएगी। यदि मानव डीएनए या कोई अन्य असामान्य साक्ष्य मिलता है, तो जांच की दिशा बदल सकती है।
नितिन यादव 15 जुलाई की शाम घर से लापता हो गया था। परिजनों की तलाश के बीच 16 जुलाई की देर शाम घर से करीब 400 मीटर दूर जंगल में उसका क्षत-विक्षत शव तीन हिस्सों में मिला। शव पर घसीटे जाने के निशान और पंजों जैसी खरोंचें मिलने से जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई गई थी। वहीं परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर हत्या का संदेह व्यक्त किया था। 17 जुलाई को जिला अस्पताल में फोरेंसिक विशेषज्ञ की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया था। प्रारंभिक परीक्षण में कुछ ऐसे निशान मिले जिन्हें जंगली जानवर के हमले से जोड़कर देखा गया, लेकिन मौत का कारण निर्णायक रूप से तय नहीं हो सका।