सतना

विंध्य में पर्यटन बढ़ाने के लिए सर्किट को विकसित करना जरूरी, अमल हो जाए तो अपार संभावनाएं

चार साल पहले शुरू हुई थी कवायद, ठंडे बस्ते में चली गई सभी योजना

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May 06, 2018
national tourist appreciation day news in hindi
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सतना। विंध्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली सहित पड़ोसी जिले पन्ना, छतरपुर, जबलपुर, शहडोल व उमरिया इसके महत्व को और ज्यादा बढ़ाते हैं। यहां राष्ट्रीय महत्व से लेकर अंतर्राष्ट्रीय महत्व के पर्यटन स्थल हैं। जहां बड़े पैमाने पर सैलानी पहुंचते हैं। केवल सतना जिले की बात करें तो सालभर में 1 करोड़ से ज्यादा लोग धार्मिक महत्व के चलते मैहर व चित्रकूट पहुंचते हैं। इसी तरह खजुराहो व पन्ना का आंकड़ा 50 लाख से ज्यादा है, जबकि अन्य जगहों को पर्यटन के अनुसार हम लोग विकसित नहीं कर पाए। अगर, इन सभी स्थलों को सर्किट के तहत विकसित कर दें और इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित कर दिया जाए तो विंध्य में पर्यटन एक बड़े उद्योग का रूप ले लेगा।

चार साल पहले से कवायद
इस संबंध में चार साल पहले कवायद भी शुरू हुई थी। पीएमओ के हस्तक्षेप से पर्यटन निगम ने विंध्य टूरिज्म सर्किट का प्लान बनाया था, जिसे वर्ष 2015 में पीएमओ को भेजा गया था। लेकिन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की लापरवाही के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पाए। एक सफलता जरूर मिली थी कि प्रदेश स्तर के सर्किट में पन्ना टाइगर सफारी, मुकुंदपुर चिडिय़ा घर, भरहुत, देवकोठार आदि को शामिल किया गया था। अगर, पीएमओ के भेजे गए प्लान पर काम होता, तो विंध्य के टूरिज्म को पंख लग जाते।

ऐसा था टूरिज्म सर्किट
विंध्य टूरिज्म सर्किट के अंतर्गत रीवा, सतना, सीधी, पन्ना, उमरिया, छतरपुर, अनूपपुर, शहडोल जिले को शामिल किया था। पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी देने की योजना तैयार की गई थी। खजुराहो, जबलपुर, भोपाल, छतरपुर और वाराणसी को भी जोडऩे का प्रयास किया गया था। इसके लिए कुल 8 सर्किट के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। चंदेल सर्किट, शिव सर्किट, रेवा सर्किट, रेवा उत्तर सर्किट, बांधवेश सर्किट, बुंदेला-बघेला सर्किट, बौद्ध, विंध्य वाटर सर्किट को शामिल किया गया था।

ऐसे विकसित होने थे सर्किट
- चंदेल सर्किट: खजुराहो - चित्रकूट - मैहर - बांधवगढ़ - शहडोल - अमरकंटक।
- शिव सर्किट: वाराणसी - रीवा - मैहर - पन्ना - खजुराहो।
- रेवा सर्किट: इलाहाबाद - रीवा - गोविन्दगढ़ - बांधवगढ़ - शहडोल- अमरकंटक।
- रेवा उत्तर सर्किट: इलाहाबाद - सिरमौर - रीवा - गोविन्दगढ़ - सीधी - बांधवगढ़ - शहडोल - अमरकंटक।
- बांधवेश सर्किट: अमरकंटक - बांधवगढ़ - गोविन्दगढ़ - रीवा - मैहर - चित्रकूट - सिरमौर - इलाहाबाद।
- बुंदेला: बाघेला सर्किट
- खजुराहो: पन्ना - चित्रकूट - सिरमौर - रीवा - गोविन्दगढ़ - बांधवगढ़ - अमरकंटक।
- बौद्ध सर्किट: भोपाल- सांची - भरहुत - मानपुर - देउर कोठार - कौशाम्बी -सारनाथ - वाराणसी।
- विंध्य वाटर सर्किट: बाणसागर डैम - गोविन्दगढ़ लेक - बीहर बैक वाटर - ईको टूरिज्म पार्क - चचाई वॉटरफॉल - पुरवा वॉटरफॉल - क्योंटी वॉटरफॉल।

Published on:
06 May 2018 04:55 pm