सतना

satna: निगम के अधीक्षण यंत्री एसके और फायर ऑफीसर परमार को निलंबन का नोटिस

बैठक से जानबूझकर गायब रहने और जानकारी नहीं देने के मामले में कलेक्टर ने की कार्रवाई

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Mar 11, 2022
satna: निगम के अधीक्षण यंत्री एसके और फायर ऑफीसर परमार को निलंबन का नोटिस
नगर निगम की समीक्षा बैठक लेते कलेक्टर अनुराग वर्मा एवं निगमायुक्त तन्वी हुड्डा

सतना. नगर निगम के बहु विवादित फायर ऑफीसर राम प्रसाद परमार और अधीक्षण यंत्री एसके सिंह को उनकी मनमानी कार्यशैली भारी पड़ गई। बैठक में उपस्थित नहीं होने और जानकारी का प्रजेन्टेशन नहीं देने के मामले में कलेक्टर अनुराग वर्मा ने दोनों को निलंबन का नोटिस देने के निर्देश दिए। कलेक्टर गुरुवार को नगर निगम के कामों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान राजस्व वसूली मांग के अनुरूप काफी कम होने पर नाराजगी जाहिर की। बैठक में निगमायुक्त तन्वी हुड्डा, उपायुक्त भूपेंद्र देव परमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

लगातार नहीं आ रहे बैठकों में

बैठक की शुरुआत में ही कलेक्टर ने नगर निगम की फायर शाखा के प्रभारी अधिकारी राम प्रसार परमार के बारे में पूछा तो पता चला कि वे बैठक से अनुपस्थित हैं। पिछली बैठक में भी वे अनुपस्थित रहे थे और कलेक्टर द्वारा फोन करके बुलवाये जाने पर भी नहीं आए थे। इस बैठक में भी वे अनुपस्थित रहे। इस पर कलेक्टर ने कहा कि लाट साहब है क्या या कलेक्टर से ज्यादा काम है उसके पास। इसके साथ ही परमार को निलंबित करने का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

पकड़ा गया अधीक्षण यंत्री का झूठ

बैठक में कलेक्टर ने जब अधीक्षण यंत्री एसके सिंह के बारे में जानकारी ली तो वे भी नदारद मिले। बताया गया कि वे आ रहे हैं। कुछ देर बाद अधीक्षण यंत्री पहुंचे। कलेक्टर ने पूछा कि कितने बजे से बैठक थी? संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कलेक्टर ने पूछा कि आपका प्रजेन्टेशन कहां है? इस पर अधीक्षण यंत्री ने कहा कि दे दिया था साफ्टकॉपी। तब कलेक्टर ने वहां बैठे संबंधितों से पूछा कि कहां है इनका प्रजेन्टेशन। जिस पर बताया गया कि इन्होंने कोई पीपीटी प्रजेन्टेशन नहीं दिया है। झूठ पकड़ा जाता देख अधीक्षण यंत्री ने कहा कि भिजवा दिया था। इस पर कलेक्टर बिफर गये। कहा, कि पता करो कि किससे, कहां और कब भिजवाया था। लेकिन इसमें भी बात झूठी निकली। मामला खुलने पर कलेक्टर ने कहा कि इसको भी निलंबित करो, कलेक्टर से झूठ बोल रहा है। इस दौरान निगमायुक्त ने भी अधीक्षण यंत्री को फटकार लगाई।

राजस्व वसूली काफी कम

कलेक्टर ने राजस्व वसूली की समीक्षा की तो बताया गया कि पिछली बार 1.69 करोड़ की वसूली हुई थी। इस वर्ष अभी तक 1.60 करोड़ की वसूली हो चुकी है। लोक अदालत में आंकड़ा बढ़ेगा। गत वर्ष से ज्यादा वसूली कर लेंगे। इस पर कलेक्टर ने फूछा कि मांग कितनी है। तब बताया गया कि मांग 45 करोड़ की है। यह सुन कलेक्टर बिफर गए। कहा कि 45 करोड़ के विरुद्ध 1.60 करोड़ की वसूली कर पिछले वर्ष से ज्यादा वसूली का डंका पीट रहे हो। वसूली बढ़ाओ अगली बार राजस्व निरीक्षकवार समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही लोकअदालत के दौरान वसूली जमा करने का प्रचार प्रसार न करने पर प्रभारी अधिकारी अरुण तिवारी की कार्यशैली पर नाराजगी जताई।

एनीकट में जलकुंभी रोकने करें प्रबंध

पेयजल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि एनीकट की कुल जल भराव क्षमता 4 मीटर के विरुद्ध अभी 2.20 मीटर जलभराव है। 32 हजार नल कनेक्शन को वर्तमान में 38 एमएलडी जल प्रदाय प्रतिदिन किया जा रहा है। एक माह के लिए एनीकट में पर्याप्त जल सुरक्षित है। इसके बाद आवश्यकतानुसार बाणसागर की नहर से पेयजल लिया जा सकेगा। कलेक्टर ने कहा कि एनीकट में जलकुंभी की आवक रोकने के उचित प्रबंध करें। इस दौरान पीएम आवास और स्वनिधि योजना की समीक्षा की।

Published on:
11 Mar 2022 10:13 am