जिला अस्पताल परिसर में ट्रॉमा यूनिट का भवन बनकर तैयार, अब इसके उद्घाटन का इंजतार है
सतना। सात साल के लम्बे सफर के बाद आखिरकार जिला अस्पताल परिसर में ट्रॉमा यूनिट का भवन बनकर तैयार हो गया। अब इसके उद्घाटन का इंजतार है। हालांकि यह इंतजार अभी और करना पड़ेगा, क्योंकि उद्घाटन के लिए जिम्मेदारों को माननीयों की तिथि नहीं मिल पा रही है। उधर, अस्पताल प्रबंधन द्वारा आवश्यक उपकरण भी मंगा लिए गए हंै। इन्हें स्थापित करने का काम जोर-शोर से चल रहा है। ट्रॉमा यूनिट का निर्माण जिला अस्पताल परिसर में वर्ष 2011 में आरंभ किया गया था। इसके लिए 316.96 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। भवन निर्माण की अवधि १२ माह निर्धारित थी। निर्माण इकाई पीआइयू और ठेकेदार के गठजोड़ को भवन बनाने में 12 माह की जगह सात साल का समय लगा।
जब मुश्किल से मिली राशि
31 मार्च 2015 को तेरहवें वित्त आयोग की योजना को बंद कर दिया गया। इससे ट्रामा यूनिट के भवन का निर्माण कार्य अधर में लटक गया। चार साल में ठेकेदार द्वारा भवन का 50 फीसदी काम भी नहीं कराया गया था। मशक्कत के बाद 10 फरवरी 2016 को 399.69 लाख रुपए की पुनरीक्षित स्वीकृति मिली। हालांकि इसके बाद 29 अगस्त 16 को ड्राइंग परिवर्तन कर दिया गया। इससे भी निर्माण कार्य पिछड़ता गया।
ऐसे चला कार्य
वर्ष 2011 में 316.93 लाख रुपए की राशि स्वीकृत
निर्माण अवधि- 12 माह
31 मार्च 2015 को 13वें वित्त आयोग की योजना बंद
10 फरवरी 2016 को 399.69 लाख रुपए की पुनरीक्षित स्वीकृति
29 अगस्त 16 को ड्राइंग परिवर्तित
मई 2018 ( सात साल) में बन पाया भवन
एेसा है सुप्रीम कोर्ट का आदेश : पीएम नरेंद्र मोदी की व्यस्तता के चलते गाजियाबाद को हरियाणा के पलवल से जोडऩे वाले इस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन नहीं हो पा रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई पर नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को आदेश दिया कि प्रधानमंत्री से उद्घाटन के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं है। इसे जून माह तक खोल देना चाहिए। इस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे खुलने के बाद दिल्ली पर यातायात का दबाव कम हो जाएगा।