नयागांव में थाना भवन का हुआ भूमि पूजन, दस्यु प्रभावित क्षेत्र के अफसरों की हुई बैठक
सतना. पुलिस वेलफेयर के लिए बनाए गए पेट्रोल पंप को मंगलवार को शुरू कर दिया गया है। रीवा जोन के आइजी चंचल शेखर, डीआइजी अविनाश शर्मा और एसपी रियाज इकबाल की मौजूदगी में पेट्रोल पंप का पूजन कर फीता काटा गया। इस दौरान एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी, सीएसपी विजय प्रताप सिंह, डीएसपी ट्रैफिक हिमाली सोनी, रक्षित निरीक्षक सत्य प्रकाश मिश्रा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। जानकारी मिली है कि इण्डियल ऑयल की ओर से बनाए गए इस पेट्रोल पंप से अब पुलिस वाहनों के साथ आमजन को भी पेट्रोल डीजल मिलेगा। सतना पुलिस के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है। इस पेट्रोल पंप में काम करने वाले कर्मचारी पुलिस विभाग से ही कहीं न कहीं जुड़े हैं। कर्मचारियों को दीगर पेट्रोल पंप से बाकायदे ट्रेनिंग दिलाई गई है। ताकि पेट्रोल पंप संचालन में किसी तरह का व्यवधान न हो। इसके साथ ही पुलिस अधिकारी ही इस पेट्रोल पंप की आय व्यय का हिसाब रखेंगे। इसके लिए एक सूबेदार की ड्यूटी तय कर दी गई है। 24 घंटे खुले रहने वाले इस पेट्रोल पंप में पुलिस वेलफेयर को बढ़ाने के मकसद से चार दुकानें भी बनाई गई हैं। जिसे स्थानीय स्तर पर किराए से दिया जाएगा। पेट्रोल पंप का उद्घाटन करने के बाद आइजी पुलिस अधिकारियों के साथ चित्रकूट रवाना हुए। जहां नयागांव थाना के नए भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया।
मेला व्यवस्था की कमी पर चर्चा
आइजी चंचल शेखर ने बताया कि चित्रकूट में पुलिस अधिकारियों की बैठक ली गई है। जिसमें यहां होने वाले आयोजन के बारे में चर्चा करते हुए व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव लिए गए। यह तय हुआ है कि आने वाले आयोजनों में प्रकाश और वॉच टॉवर की बेहतर व्यवस्था की जाए। बायपास का निर्माण जल्द हो ताकि श्रद्धालुओं का दबाव भीतरी रास्तों पर कम हो सके। परिक्रमा मार्ग में रहने वाले लोगों से मेला या अन्य आयोजन के दौरान सहयोग लिया जाए।
शुरू करेंगे सामुदायिक पुलिसिंग
आइजी ने बताया कि प्रियांश-श्रेयांश हत्याकांड के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई कि कोर्ट में प्रकरण की क्या स्थिति है। उन्होंने बताया कि दस्यु बबुली कोल गिरोह का खात्मा होने के बाद पुलिस अपना मूवमेंट बढ़ा रही है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में सामुदायिक पुलिसिंग भी दस्यु प्रभावित इलाके में शुरू कराई जाएगी। ताकि बदमाशों की हरकत पर पूरी तरह अंकुश लगाते हुए लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ाया जा सके।