
सतना. दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाने सहित दवा विक्रय के थोक और फुटकर लाइसेंस जारी करने जैसा महत्वपूर्ण कार्य ड्रग इंस्पेक्टर के जिम्मे होता है। वर्तमान में सतना सहित संभाग के चार जिलों रीवा, सीधी और सतना जिले का प्रभार राधेश्याम बट्टी के पास है। लेकिन स्थिति यह है कि वे लगातार कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित हैं। इनकी अनुपस्थिति को देखते हुए लोगों ने अब इनके गुमशुदा के पोस्टर शहर में चिपका दिये हैं। ज्यादातर पोस्टर सीएमएचओ दफ्तर और जिला अस्पताल में चिपकाए गए हैं। इसके अलावा कुछ पोस्टर कलेक्ट्रेट परिसर सहित अस्पताल की चहारदीवारी पर चिपकाए गए हैं।
यह है मामला
पोस्टर में बताया गया है कि सतना सहित रीवा, सीधी, सिंगरौली जिले के 122 बेरोजगारों के मेडिकल लाइसेंस कई महीनों से अटके हुए हैं। जब भी इस संबंध में इनसे फोन किया जाता है तो इनके द्वारा कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता है। जब इनकी उपस्थिति और काम पूरा होने के संबंध में जानकारी ली जाती है तो वे संबंधित का फोन ब्लैक लिस्ट में कर देते हैं। पोस्टर में बताया गया है कि इन्हें ढूढ़ने के लिये रोज संबंधित जिलों के सीएमएचओ आफिस में लोगों का जमावड़ा लगता है। लेकिन ये किसी भी मुख्यालय में नहीं मिलते हैं और न ही फोन उठाते हैं। मेडिकल लाइसेंस के लिए अप्लाई कर चुके बेरोजगारों ने किराए पर दुकानें भी ले रखी हैं लेकिन बेरोजगारी के दौर में इनके द्वारा लाइसेंस अटकाए जाने के कारम खाली का किराया और ब्याज में रुपये खर्च हो रहे हैं।
एक माह से नहीं दिखे
इस संबंध में लाइसेंस के लिये अप्लाई करने वालों ने बताया कि एक माह से वे नहीं दिखे हैं। इनके पहले ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका थीं। लेकिन उनके मेटर्निटी अवकाश पर जाने के बाद से इन्हें प्रभार दे दिया गया है। तब से स्थितियां बिगड़ गई है। इनकी कलेक्टर से मांग है कि ड्रग इंस्पेक्टर का सतना में कम से कम सप्ताह में दो दिन नियत किया जाए।