चेतावनी का असर नहीं...नान ने नहीं कराई रिबैगिंग व परिदान
सतना. धान खरीदी में अब नागरिक आपूर्ति निगम एक बार फिर नए खेल की तैयारी में जुट गया है। मामला उपार्जित धान के भंडारण से जुड़ा है। हालात यह है कि नान द्वारा अनुबंधित सभी गोदाम भर चुके हैं ऐसे में अब ओपन कैप में धान भंडारित करने का निर्णय लिया गया है, लेकिन स्थिति यह है कि जिन ओपन कैप में धान भंडारण का निर्णय लिया गया है वे भंडारण के अनुकूल नहीं हैं।
स्थिति यह है कि यहां की गई तार की फेंसिंग कई जगहों से टूट चुकी है। साथ ही यहां भंडारित धान को ढकने की व्यवस्था नहीं है न ही यहां ड्रेनेज व्यवस्थित है। हालात यह है कि इस मामले में विपणन संघ ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। गोदाम में मामले में धान खरीदी को लेकर तमाम सवाल खड़े हो गए हैं। धान उपार्जन शुरू होने के पहले ही जिले के संबंधित अधिकारियों को इस आशय के स्पष्ट निर्देश थे कि धान भंडारण के लिए पर्याप्त गोदामों का अनुबंध किया जाए, नान ने पहले उपार्जन के आंकड़ों की अनदेखी करते हुए गोदाम की व्यवस्था नहीं की, जबकि यह भी निर्देश है कि स्थिति के अनुसार गोदामों का अधिग्रहण किया जा सकता है। दूसरा सवाल यह है कि गोदाम न मिलने की स्थिति में ओपन कैप निर्धारण के साथ ही ओपन कैप को भंडारण के लिए अनुकूल करना चाहिये, लेकिन नान ने यह भी नहीं करवाया। न तो ओपन कैप की फेंसिंग सुधरवाई न ही कैप कवर की व्यवस्था।
जगह उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने कलेक्टर को ओपन कैप में धान भंडारण कराने लिखा। जिस पर कलेक्टर द्वारा विपणन संघ को ओपन कैप सिजहटा एवं बाबूपुर में धान भंडारण कराने लिखा गया है, लेकिन ओपेन कैप सिजहटा एवं बाबूपुर स्थित ओपन कैप की स्थिति यह है कि यहां धान भंडारित करने के अनुकूल स्थितियां नहीं हैं। कैप
है। जिससे कैप प्रांगण में मवेशियों का आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा यहां भंडारित धान को ढकने के लिए कैप कवर भी जिले में उपलब्ध नहीं हैं। न ही कैप में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है। ऐसे में यहां भंडारित स्कंध की सुरक्षा भी खतरे में है, कुल मिलाकर ओपन कैप में धान भंडारण करना जानबूझ कर धान को गैरसुरक्षित करना साबित होगा।
साजिश की आशंका
नान की कार्यप्रणाली को देखते हुए यह भी आशंका जताई जा रही है कि असुरक्षित ओपन कैप में धान भंडारित कर खुर्द बुर्द करने की भी तैयारी हो सकती है। साजिश की आशंका इसलिए भी जताई गई है कि मुख्यालय और शासन के निर्देश के विपरीत ओपन कैप से धान का उठाव नहीं कराया गया, बल्कि गोदामों से धान उठवाया गया जिससे ओपन कैप में अभी भी रखी धान खराब हो रही है।