रामनगर के भेडऱा गांव की घटना: हत्या की आशंका पर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, रामलीला देख रही पत्नी से विवाद पर पति को पब्लिक ने धुना, मौत
सतना। रामलीला देखने भेडऱा गांव से रामनगर पहुंचे युवक को भीड़ के बीच उसकी पत्नी दिख गई। वह कई दिन से मायके में रह रही थी। जिसे घर चलने को कहा। विरोध करने पर उसने पिटाई कर दी। यह देखते ही भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने मामले को बिना समझे ही युवक को पीटना शुरू कर दिया। सोमवार रात करीब 11 बजे हुए इस घटनाक्रम के बाद जख्मी युवक रास्ते में बेहोश मिला। पीडि़त को उसके भाई ने अस्पताल पहुंचाया। रामनगर से रेफर होने के बाद जिला अस्पताल लाया जा रहा था, तभी उसने दम तोड़ दिया।
ये है मामला
सूत्रों के अनुसार, रामनगर के भेडऱा निवासी राजेश पटेल (28) उर्फ बहादुर पुत्र महेश पटेल रात करीब 11 बजे रामनगर में रामलीला देखने गया था। वहां पत्नी राधा भी मौजूद थी, उसे घर चलने को कहा लेकिन वह तैयार नहीं हुई तो उसने थप्पड़ मार दिए। इस दौरान पास ही मौजूद लोगों ने बहादुर को पीटकर भगा दिया। चर्चा एेसी भी है कि बिजौरा गेट के पास भी बहादुर से मारपीट की गई। वहीं अस्पताल में जब उसे दाखिल कराया गया तो परिजनों ने जहर खाने की आशंका जताई थी। डॉक्टरों को संदेह है। यह भी हो सकता है कि मारपीट करने वालों ने जहर दे दिया हो। पीएम रिपोर्ट लेने के लिए रामनगर थाना प्रभारी सतीश मिश्रा ने पुलिस स्टाफ को जिला अस्पताल रवाना किया है।
पत्नी-पिता के आरोप
मृतक की पत्नी राधा का आरोप है कि ससुर उसे दहेज के लिए प्रताडि़त करते थे। राधा ने अपनी ओर से थाना में शिकायत देकर बहादुर की मौत का जिम्मेदार ससुर और देवर को बताया है। जबकि मृतक के पिता का आरोप है कि राधा के भाइयों ने बहादुर की हत्या कर दी। दो दिन पहले रामनगर में राजनीतिक विवाद करने वालों ने भी समाज विशेष के इस प्रकरण में रोटियां सेंकना शुरू कर दी है। रामनगर के कई एेसे लोगों के नाम भी हत्या के मामले में शामिल करने का जोर दिया जाने लगा जो घटना में शामिल नहीं रहे। एेसे में पुलिस तथ्यों को जांचने में जुटी है।
शव पहुंचते ही ग्रामीणों का फूट पड़ा गुस्सा
मंगलवार सुबह मृतक के शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में कराने के बाद परिजन गांव पहुंचे तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। हत्या की आशंका जाहिर कर बीच सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस की समझाइश पर जाम तो हटा लिया पर अंतिम संस्कार नहीं किया।