सतना

MP: तोड़फोड़ के बाद ओटी की चिकित्सा सेवाएं ठप, ऑपरेशन भी टले

सवालों में जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, भर्ती मरीजों के स्वास्थ पर पड़ा असर
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Jun 24, 2018
story of satna district hospital
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सतना। जिला अस्पताल स्थित मेन ऑपरेशन थियेटर में तोडफ़ोड़ की घटना का असर वहां भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ओटी की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होने से अस्पताल प्रबंधन द्वारा गायनी, सर्जरी सहित अन्य विभागों के ऑपरेशन दो दिन के लिए टाल दिए गए हैं। अब सोमवार से आपरेशन शुरू होंगे। ऐसे में ऑपरेशन के लिए भर्ती मरीजों की तकलीफ बढ़ती जा रही है। कुछ मरीजों को परिजन रीवा मेडिकल कॉलेज लेकर चले गए हैं।

इस कारण ठप हुई सेवा
शुक्रवार की शाम जिला अस्पताल में सर्जरी के बाद मृत बच्चा पैदा होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। स्टाफ के साथ मारपीट की। ओटी के अंदर जमकर तोडफ़ोड़ की गई थी। इससे आवश्यक उपकरणों को क्षति पहुंची। ऐसे में ऑपरेशन थियेटर की चिकित्सा सेवा ठप हो गई।

इधर, सीएचसी अमरपाटन में भी हुई तोडफ़ोड़
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरपाटन में शुक्र-शनिवार की दरम्यानी रात एक मानसिक विक्षिप्त ने तोडफ़ोड़ कर दी। देररात हुए घटनाक्रम से मरीज सहित स्टाफ दहशत में आ गया। बीएमओ डॉ. बीएस भदौरिया ने बताया कि जानकारी लगते ही ड्यूटी में तैनात स्टाफ द्वारा विक्षिप्त को परिसर से बाहर किया गया। हालांकि किसी स्टाफ व मरीज को चोट नहीं पहुंची।

रीवा कर दिया रेफर
स्थान: सर्जिकल वार्ड
समय: 12:30 बजे दोपहर
स्थिति: कल्लू पिता गया प्रसाद निवासी मैहर विगत दिनों से अस्पताल में भर्ती है। परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के लिए शनिवार का दिन तय हुआ था। लेकिन, ओटी की चिकित्सा सेवा बाधित होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया। इधर, पीडि़त की तबियत बिगड़ती जा रही थी। ऐसे में परिजनों ने मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर कर दिया।

दो दिन करो इंतजार
स्थान-सर्जिकल वार्ड
समय-12:40 बजे दोपहर
स्थिति : विकास पिता सुरेश बारी निवासी कटिया को पेट में तकलीफ होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने बताया कि चिकित्सकों ने शनिवार को ऑपरेशन करने को कहा था। हम घर से पूरी तैयारी कर आए थे। लेकिन एकाएक बताया गया कि आज ऑपरेशन नहीं होगा। दो दिन और इंतजार करना पड़ेगा।

हर दिन 15-20 सर्जरी
जिला अस्पताल मुख्य ओटी में प्रतिदिन 15 से 20 सर्जरी की जाती है। लेकिन तोडफ़ोड़ से चिकित्सा सेवा बाधित होने के चलते शनिवार को एक भी ऑपरेशन नहीं हो पाया। महिला और पुरुष सर्जिकल वार्ड में दाखिल एक दर्जन से अधिक पीडि़तों के ऑपरेशन टाल दिए गए। इनमें मल्लन राम (80 ), भरत लाल ( 50), माधवश्री ( 50), साधु लाल (70), रुद्र ( 58), प्रेम साकेत (24), प्रीति (13) सहित एक दर्जन से अधिक मरीज शामिल हैं।

तीन माह में चार घटनाएं
जिला अस्पताल में चिकित्सकों सहित स्टाफ के साथ मारपीट, तोडफ़ोड़ की घटनाएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। तीन माह के अंतराल में चार बड़ी घटनाएं हो चुकी है। इससे चिकित्सक सहित स्टाफ डरा हुआ है। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा निजी सुरक्षा कंपनी को सौंपा गया है। इसके अलावा चार होमगार्ड के जवान भी तैनात किए गए हैं। लेकिन घटना के समय सुरक्षाकर्मी गायब हो जाते हैं।

मां को अस्पताल में नहीं मिल रहा आसरा
एसएनसीयू में दाखिल नवजातों की माताओं के लिए बनाए गए कंगारु केयर वार्ड को मीटिंग हाल बना लिया गया है। वार्ड को गैलरी में शिफ्ट कर दिया गया है। जहां गर्मी में तपन, ठंडी में जाड़ा सताता ही है, पलंग भी नसीब नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में महिलाएं गैलरी में बेड लगाकर पड़ी रहती हैं। एेसी ही स्थिति शनिवार को देखने मिली।

Published on:
24 Jun 2018 12:16 pm