मनमानी: प्लेटफॉर्म एक की बाउण्ड्री तक सीधा घुसते हैं ऑटो
सतना. इन दिनों स्टेशन पर भर्रेशाही का आलम है। रेलवे के प्रतिबंधित इलाके में वाहन लाकर अनबुक्ड लगेज ट्रेन में लोड किया जा रहा है। यह सिलसिला दिनभर चलता है। वहां आटो व अन्य वाहन बेधड़क प्लेटफॉर्म एक की बाउण्ड्री तक आते हैं और उसमें भारी मात्रा में लोड माल को व्यापारी उतारकर ट्रेन की बोगियों में रख देते हैं। एेसा नहीं कि ऑटो से सामान उतारते वक्त चालक व व्यापारी हड़बड़ाहट में रहते हैं बल्कि बड़े इत्मिनान से सामान उतार बाउण्ड्री फांदते हुए ट्रेन में पहुंचा दिया जाता है। यही नजारा देखने को मिला। रीवा-जबलपुर शटल प्लेटफॉर्म एक पर खड़ी थी। इधर निर्माणाधीन वेटिंग हाल के बगल से ऑटो में सामान लोड होकर आता रहा। जिधर से वाहन प्लेटफॉर्म के नजदीक आते हैं वह प्रतिबंधित एरिया है। यहां रेलवे के कई दफ्तर भी हैं।
मिलीभगत का चल रहा खेल
ऑटो व अन्य वाहनों से मुख्य पार्किंग स्थल के बगल से लगी सड़क से अनबुक्ड लगेज प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया जाता है। पूर्व में एेसी शिकायतें आने के बाद सड़क पर बेरिकेटिंग कर बाहरी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित एरिया में बंद कर दी गई थी। कुछ समय बाद बेरीकेटिंग हटा दी गई। इसके चलते इस रास्ते से जमकर बिना बुकिंग का माल सीधा ट्रेनों तक पहुंचाया जा रहा है।
अंदर यात्री परेशान
कोच में लगेज रखने से यात्री परेशान हो रहे हैं। लगेज की जांच व कार्रवाई की जिम्मेदारी रेलवे के कॉमर्शियल विभाग व आरपीएफ की है। बिना बुकिंग लगेज का परिवहन करने से रेलवे को भी राजस्व की चपत लग रही है। दरअसल, मैहर, उचेहरा, मझगवां, मानिकपुर आदि जगहों से आने वाले व्यापारी लगेज शुल्क बचाने कोच में ही भारी मात्रा में सामान रख लेते हैं। ज्यादातर सामान कोचों के गेट के पास या टॉयलेट में रखा होता है। इसके चलते यात्री परेशान होते हैं। इसके बाद भी अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाती है।