
सतना। सरकारी कार्यों का सत्यापन करने के दौरान बंदूक लेकर जाना, अनुशासनहीन व्यवहार करना और वित्तीय अनियमितता को लेकर चर्चा में रहे जनपद पंचायत मझगवां के उपयंत्री सतीश समेले को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में उनके विरुद्ध कई गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। इनमें सरकारी कार्यों में लगातार लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना तथा आचरण नियमों का उल्लंघन शामिल है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सतना नियम किया गया है। इसके साथ ही उन्हें सेक्टर के शासकीय कार्यों से विरत भी कर दिया गया है।
चार पन्ने के निलंबन आदेश के अनुसार उपयंत्री समेले के विरुद्ध अलग-अलग शिकायतों और जांच प्रतिवेदनों में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंने शासकीय कार्य के दौरान हथियार (बंदूक) लेकर घूमते हुए भय का वातावरण बनाया, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ। कारण बताओ नोटिस के जवाब में समेले ने बंदूक लेकर कार्यस्थल पर जाना स्वीकार किया है। लेकिन उनका उत्तर संतोषजनक नहीं मिला। इस घटना की जांच अपर जिला दंडाधिकारी सतना कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत कैलाशपुर में शांतिधाम स्वीकृत होने के बाद भी इन्होंने अन्य ग्राम में शांति धाम बनवा दिया। इसके लिए उन्होंने शिक्षक अमन मिश्रा के नंबर पर 15 हजार रुपए और अविनीश प्रताप सिंह के नंबर पर 10 हजार रुपए फोन पे पर लिए। मामले में शो-कॉज का जो जवाब उन्होंने दिया उसमें फोन पे से राशि नहीं लिए जो का साक्क्ष्य नहीं दिया जा सका। जवाब भी संतोषजनक नहीं मिला। इसी तरह जनपद सीईओ मझगवां ने एक प्रतिवेदन में बताया है कि उपयंत्री समेले द्वारा खेत तालाब के सामग्री भुगतान के लिए 15 हजार रुपए की राशि ली गई है और सामग्री का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। सेक्टर की ग्राम पंचायत के हर कार्य में 10 प्रतिशत की मोटी रकम ली जाती है। न देने पर मूल्यांकन रद्द कर दिया जाता है। प्रशांत त्रिपाठी की एक अन्य शिकायत पर गंभीर अनियमितता पाई गई है। जिसकी जांच प्रचलन में है। इस मामले में उपयंत्री समेले द्वारा शो-कॉज का जवाब नहीं दिया जा रहा है। सेक्टर परिवर्तन के बाद भी अन्य सेक्टर के अभिलेख अपने पास रखे हुए हैं। जिससे जांच प्रभावित हो रही है। तिघरा की एक शिकायत में रोजगार सहायक के माध्यम से आन लाइन अवैध भुगतान लिया गया। इसी तरह वर्ष 2021-22 में नागौद जनपद की ग्राम पंचायत डाम्हा के निर्माण कार्यों की नस्ती और एमबी ग्राम पंचायत से जांच टीम को दिए जाने के लिए ली गई थी जो आजतक वापस नहीं की गई।
"उपयंत्री समेले पर प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं तथा इनकी विभागीय जांच प्रस्तावित है। उपयंत्री सतीश समेले को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। विभागीय जांच अधिकारी जनपद सीईओ उचेहरा और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी जनपद सीईओ मझगवां को बनाया गया है। एक माह में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है।"- शैलेन्द्र सिंह, जिपं सीईओ