2014 में नगर निगम ने घोषित किया था जर्जर, गिराने में लगे चार साल, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दस्ते ने मकान ढहाया
सतना। चार साल से शहर के लिए खतरा बनी जगतदेव तालाब रोड स्थित 50 साल पुरानी जर्जर बिल्डिंग को आखिरकार बुधवार को नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते ने धराशायी कर दिया। सुबह 9.30 बजे सिटी मजिस्टे्रट बलवीर रमण के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण दस्ते ने जर्जर मकान गिराने की कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले विद्युत कर्मचारियों को बुलाकर भवन की लाइन काटी गई। इसके बाद भवन के दोनों ओर बैरिकेट लगाकर सुरक्षा की दृष्टि से जगतदेव तालाब रोड का यातायात डायवर्ट किया गया। डेढ़ घंटे तक सुरक्षा इंतजाम करने तथा भवन को खाली कराने के बाद सुबह 11 बजे अतिक्रमण दस्ते ने क्रेन से भवन ढहाने की कार्रवाई शुरू की। चार घंटे की मशक्कत के बाद दो मंजिला भवन को जमींदोज कर दिया गया।
चार साल कोर्ट में चला मामला
मेंटीनेंस के अभाव में जर्जर हो चुके इस भवन का सर्वे करते हुए निगम प्रशासन ने वर्ष २०१४ में इसे जर्जर घोषित कर भवन स्वामी शेकबब्बू ठेकेदार को नोटिस जारी करते हुए भवन खाली करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, मकान में काबिज किराएदार भवन छोडऩे को तैयार नहीं थे। निगम प्रशासन ने बीते चार साल में तीन बार इस जर्जर मकान को गिराने की कोशिश की, लेकिन भारी विरोध के कारण उसे बार-बार लौटना पड़ा। किराएदारों ने मामले को चार साल तक कोर्ट में लटकाए रखा। कोर्ट से फैसला होने के बाद बीते साल जब निगम प्रशासन ने एक बार फिर गिराने का प्रयास किया तो जर्जर भवन में दुकान चला रहे दुकानदारों ने निगम की अपील समिति के सामने मामले को रखा। दो माह तक मामले की सुनवाई के बाद अपील समिति ने २५/१०/२०१७ को अपना फैसला सुनाते हुए दुकानदारों को राहत देने से मना कर दिया।
पांच घंटे अवरुद्ध रही सड़क
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने भवन गिराने से पहले जगतदेव तालाब के पास सड़क के दोनों ओर बैरिकेट्स लगाकर वाहनों का प्रवेश रोक दिया। इससे लगभग पांच घंटे तक खेरमाई तिराहे से लेकर अस्पताल चौक तक सड़क का यातायात बाधित रहा। मौके पर उपस्थित पुलिस बल रूट को डायवर्ट करते हुए पेट्रोल पंप के बगल से पावर हाउस की ओर वाहनों को भेजता रहा। मुख्यमार्ग अवरुद्ध होने से आवश्यक काम के लिए बाजार एवं अस्पताल जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
छत धंसकने से एक कर्मचारी घायल
कार्रवाई के दौरान विवाद या किसी भी अप्रिय स्थित से निपटने के लिए मौके पर यातायात प्रभारी के नेतृत्व में एक दर्जन पुलिस जवान तैनात किए गए थे। कार्रवाई शुरू होते ही उस समय अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया, जब जर्जर भवन की छत की पटिया टूटने से अतिक्रमण दस्ते का एक कर्मचारी नीचे गिरकर घायल हो गया। पहली मंजिल से नीचे गिरने के कारण श्रमिक को गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।