आइजी पहुंचे मझगवां, पुलिस कप्तान जंगल में उतरे, पांच थाना प्रभारी भी तलाश में जुटे
सतना। दस्यु प्रभावित इलाके में सर्चिंग करने गए एसएएफ जवान का 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं लग सका। शुक्रवार की शाम जवान के लापता होने की खबर पाते ही पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर खुद मझगवां पहुंच गए थे। उन्होंने पांच थाना प्रभारियों के साथ करीब 100 जवानों का बल तलाश के लिए रवाना किया है। शनिवार को चप्पे-चप्पे को छानने के बाद भी एसएएफ जवान सचिन का कुछ पता नहीं चल सका। दूसरी ओर पुलिस ने उसके घर पर सूचना भेजते हुए वहां भी तलाश कराई है, लेकिन जवान अपने घर भी नहीं पहुंचा। एेसे में जिला पुलिस बल की परेशानी बढ़ती जा रही है।
जंगल सर्चिंग के दौरान एसएएफ जवान के गायब होने की खबर पुलिस मुख्यालय भोपाल पहुंचने के बाद हड़कंप मचा है। पुलिस महानिरीक्षक उमेश जोगा और डीआइजी अविनाश शर्मा पल पल की खबर ले रहे हैं। आईजी ने एसपी हिंगणकर और पुलिस अधिकारियों को जरूरी निर्देश देते हुए लापता जवान के बारे में पता लगाने को कहा है।
दोस्तों से पूछताछ पर कोई सुराग नहीं
सचिन के साथ सर्चिंग में उसकी बटालियन के तीन अन्य साथी थे। इन तीनों से एसपी ने बारी-बारी से पूछताछ की है। लेकिन किसी को पता नहीं कि आखिर जंगल से सचिन कहां चला गया? पुलिस को एक आशंका यह थी कि वह बिना सूचना के अपने घर चला गया होगा? लेकिन जब घर भी नहीं पहुंचा तो परेशानी बढऩे लगी। सचिन के दीगर मित्रों से भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है। उसका मोबाइल फोन भी नेटवर्क में नहीं होने से सटीक लोकेशन सायबर टीम नहीं दे पा रही।
बदमाशों की बदमाशी तो नहीं
एक आशंका यह भी है कि बिना बंदूक जवान को अकेला देख दस्यु दल से जुड़े किसी व्यक्ति ने उसके साथ कोई हरकत की हो। आशंका यह भी है कि बीमारी की हालत में जवान जंगल में रास्ता तो नहीं भटक गया। हालांकि पुलिस पार्टियां पूरी तरह सक्रिय होकर हर आशंका का पता करने में जुटी हैं। मुखबिरों के जरिए यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जंगल में किसी बदमाश ने कोई हरकत तो नहीं की?
पानी तलाश रहे थे जवान, तभी हुआ था गायब
यह बात सामने आई है, बगदरा घाटी की एसएएफ पोस्ट से लगे बरगद बाबा जंगल में सर्चिंग कर लौट रहे जवान पानी खत्म हो जाने पर परेशान थे। इस बीच सचिन की तबीयत बिगड़ी तो साथियों ने उसकी बंदूक लेकर उसे बठा दिया। इस दौरान जवानों का नेतृत्व कर रहे पुलिस अधिकारी आरके पाण्डेय प्रधान आरक्षक योगेंद्र मिश्रा के साथ पानी लेने रवाना हुए। उन्हें देर हुई तो तीनों जवान भी बीमार साथी को छोड़ पानी की तलाश में निकल पड़े। जब अधिकारी पहुंचे तो चारों जवान मौके पर नहीं थे। आवाज देने पर तीन आए तो चौथा गायब मिला।