
सतना से रमाशंकर शर्मा की रिपोर्ट
Satna Sanidhya Chaturvedi Folium Sensing: देश की सीमाओं पर दुश्मन की आहट और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए अब स्वदेशी तकनीक मददगार बन रही है। मध्यप्रदेश के सतना के युवा उद्यमी सानिध्य चतुर्वेदी की कंपनी फोलियम सेंसिंग प्राइवेट लिमिटेड ने रक्षा क्षेत्र में अपनी तकनीक के दम पर जगह बनाई है। कंपनी ने भारतीय सेना के साथ करोड़ों रुपए के रक्षा समझौते किए हैं और सीमा पर ऐसे उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं, जो ध्वनि और कंपन के संकेत पकड़कर आसपास होने वाली हलचल की सूचना देने में सक्षम हैं।
युवा उद्यमी सानिध्य चतुर्वेदी की कंपनी फोलिय सेंसिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बनाई गई नई तकनीकि ऐसे कंपन और ध्वनि को पकड़ने में भी सक्षम है जो सामान्य तौर पर पकड़ में नहीं आती हैं। कंपनी का काम केवल जमीनी सीमाओं की निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पानी के भीतर निगरानी से जुड़े प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है। करीब 120 करोड़ रुपए के मूल्यांकन वाले इस डीप-टेक स्टार्टअप की तकनीक और कामकाज को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सतना के युवा उद्यमी सानिध्य से एक एक्सपो में मुलाकात कर प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली।
आईआईटी मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले सानिध्य चतुर्वेदी फोलियम सेंसिंग के सह-संस्थापक एवं निदेशक हैं। उनकी कंपनी ऑप्टिकल फाइबर आधारित वितरित सेंसिंग तकनीक पर काम कर रही है। इसमें फाइबर के माध्यम से ध्वनि, तापमान और संरचनात्मक तनाव से जुड़े संकेतों का विश्लेषण किया जा सकता है। इस तकनीक की खासियत यह है कि लंबी दूरी तक बिछे फाइबर को ही निगरानी प्रणाली के रूप में इस्तेमाल करती है। इससे अलग-अलग स्थानों पर बड़ी संख्या में पारंपरिक सेंसर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। रक्षा क्षेत्र में इस तकनीक का महत्व इसलिए है, क्योंकि संवेदनशील इलाकों में होने वाली हलचल और कंपन के संकेतों की पहचान निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर सकती है। कंपनी की तकनीक के दूसरे संभावित उपयोग रेलवे ट्रैक, तेल-गैस पाइपलाइन, सुरंग, पुल और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की निगरानी में भी हैं।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और रक्षा क्षेत्र में कंपनी के काम से जुड़ी उपलब्धियां सानिध्य के सफर सहित सतना जिले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला रही हैं। सतना जैसे शहर से निकलकर अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में काम करना विंध्य के युवाओं के लिए भी प्रेरक उदाहरण है। सानिध्य की उपलब्धि का महत्व इस बात में है कि ऑप्टिकल फाइबर जैसी मौजूदा तकनीक को नए तरीके से इस्तेमाल कर देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पूरी तरह स्वदेशी नवाचार है जो अपने आप में अनोखी तकनीक है।