सतना

Satna: कोटेशन फिक्सिंग पर डीईओ से जवाब तलब, जिपं सीईओ करेंगे जांच

इधर जिला शिक्षाधिकारी से रमसा ग्रुप में खरीदी न करने के जारी किये गये निर्देश
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Updated: 7 Feb 2022, 10:27 AM IST
Satna: कोटेशन फिक्सिंग पर डीईओ से जवाब तलब, जिपं सीईओ करेंगे जांच
Satna: Answer sought from DEO on fixing quotations, CEO ZP will inquiry

सतना. विद्यार्थियों के लिये ऑन लाइन शैक्षणिक सामग्री की व्यापक उपलब्धता तथा शैक्षणिक मोबाइल एप के उपयोग की दृष्टि से स्कूल शिक्षा विभाग विद्यालयों में टैबलेट खरीदने के निर्देश दिए है। सतना जिले में लगभग 500 टैबलेट संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों को खरीदना था। इससे पहले कि टैबलेट खरीदे जाते, डीईओ कार्यालय के संदेश के बाद बीईओ कार्यालय से स्कूलों को टैबलेट के फिक्स तीन कोटेशन फार्म भेज दिये गये और तय फर्म से ही खरीदी करने कहा गया। पत्रिका में इस मामले का खुलासा होने के बाद कलेक्टर ने जिला शिक्षाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके साथ ही जिला पंचायत सीईओ डॉ परीक्षित झाड़े और अपर कलेक्टर राजेश शाही को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

248 विद्यालयों में कोटेशन फिक्सिंग

सतना जिले के 248 विद्यालयों में 500 टैबलेट की खरीदी में कोटेशन फिक्सिंग का मामला स्कूल शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़े कर गया है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि जो कोटेशन फिक्स करके विद्यालयों में भेजे गये हैं उसमें सबसे न्युनतम रेट जिस पीएस एसोसिएट का दिया गया है, उसमें टैबलेट की कीमत सतना बाजार में उपलब्ध इससे बेहतर कंपनी के टैबलेट से 4 से 5 हजार रुपये ज्यादा है। जिले में लगभग 75 लाख रुपये के टैबलेट खरीदे जाने थे। अब कलेक्टर द्वारा इस मामले में जांच प्रारंभ कर दिये जाने के बाद जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय में हड़कम्प मचा है।

अब टैबलेट खरीदी स्थगित

इधर कलेक्टर ने जैसे ही टैबेलेट कोटेशन फिक्सिंग की जांच के निर्देश दिए हैं उधर जिला शिक्षाधिकारी के आदेश पर खरीदी स्थगित कर दी गई है। जिले के रमसा वाट्सएप ग्रुप में जिला शिक्षाधिकारी के आदेश पर एक मैसेज भी इस संबंध में डाला गया है। जिसमें कहा गया है कि ''सभी प्राचार्य ध्यान दें, आगामी आदेश तक टैबलेट क्रय संबंधित कार्यवाही स्थगित रखें।'' हालांकि इस संबंध में डीईओ कार्यालय से अभी कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

नहीं दिये गये जैम पोर्टल के पासवर्ड

उधर विद्यालयों के प्राचार्यों ने बताया है कि शासकीय खरीदी के लिये तैयार किये गये जैम पोर्टल पर सभी विद्यालयों के प्राचार्यों की आईडी और पासवर्ड जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय में तैयार की गई है। लेकिन अभी तक यह आईडी और पासवर्ड प्राचार्यों को नहीं दिये गये हैं। इस वजह से सरकारी खरीदी भी प्रभावित हो रही है।

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