
सतना। अजाक जिला संयोजक अभिषेक सिंह हत्याकांड के आरोपियों को लेकर जेल प्रबंधन का दोहरा रवैया रहा है। आरोपियों के रसूख व संपर्क को देखकर व्यवहार किया जा रहा है। अनुशासन व नियमों तक में छूट दी जा रही है। ये पूरा खेल निजी लाभ के लिए जेल के आला अधिकारी कर रहे हैं।
जेल सूत्रों की माने, तो सतना पुलिस ने हत्याकांड के सह आरोपी शेरू खान उर्फ शेरा को सितंबर में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद सतना पुलिस ने जब जेल दाखिल किया, तो जेल अधीक्षक एनपी सिंह ने सख्त दिखे। उन्होंने तत्काल शेरा को स्पेशल सेल (6 बाई 6 की कमरे) में डालने की आदेश दिए थे।
स्पेशल सेल में डालने का आदेश
जहां हवा-पानी व रोशनी तक नहीं मिलती है। लगभग 21 दिन तक शेरा को स्पेशल सेल में रखा गया था। उसके बाद उसे वार्ड 8 में शिफ्ट किया गया। इसी मामले के मुख्य आरोपी प्रदीप सिंह को सतना पुलिस ने जेल दाखिला कराया तो शुरुआती दौर में जेल अधीक्षक ने सख्ती दिखाई और स्पेशल सेल में डालने का आदेश दे दिया।
मात्र 12 घंटे स्पेशल सेल
लेकिन मात्र 12 घंटे के अंदर अधीक्षक का मन पसीज गया और उन्होंने प्रदीप को बैरक में शिफ्ट कर दिया। यानी सह आरोपी को 21 दिन और मुख्य आरोपी को मात्र 12 घंटे स्पेशल सेल में रखा गया। जबकि प्रदीप सिंह को शातिर माना गया है और पूरे कांड का मास्टर माइंड माना गया। लेकिन, जेल अधीक्षक की उस पर मेहरबानी जारी है।
मंगल सिंह को जबलपुर शिफ्ट करने की तैयारी
जेल सूत्रों की माने, तो कैदी मंगल सिंह को केंद्रीय जेल जबलपुर शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर पत्र व्यवहार भी शुरू हो गया है। दरअसल, मंगल सिंह वो कैदी है, जिसने भाजपा की टी-शर्ट पहन रखी थी और उसकी फोटो वायरल हो गई थी। जब जांच करने डीआइजी जीपी ताम्रकार सतना आए थे, तो मंगल सिंह ने जेलर के बेटे पर आरोप जड़ दिए थे।
जेलर के बेटे ने दी थी टी-शर्ट
उसका कहना था कि जेलर के बेटे ने टी-शर्ट दी थी। वहीं जांच के बाद जेलर को जबलपुर अटैच कर दिया गया था। अब मंगल सिंह को भी जबलपुर भेजे जाने की तैयारी चल रही है। बताया जा रहा है कि ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है, ताकि मंगल सिंह पर दबाव बनाकर बयान बदलवायाजा सके। जेलर ब्रदी विशाल शुक्ला जबलपुर में ही हैं, उनके लिए ये काम आसान होगा और इस तरह वे अपनी गर्दन बचा लेगा।
बरस रही राहत की कृपा
मुख्य आरोपी प्रदीप सिंह के ऊपर केंद्रीय जेल में प्रबंधन की कृपा बरसने लगी है। सूत्रों की मानें तो उसके रहने से लेकर खाने तक का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। जेलकर्मियों को हिदायत तक दे दी गई है कि अगर प्रदीप द्वारा कुछ अनुशासन टूटते भी हैं तो सख्ती बरतने की जरूरत नहीं है। लंबरदार या पुराने कैदियों को भी प्रदीप से दूर रहने का मौखिक आदेश दे दिया गया है। सख्ती बरतने वाले एक अधिकारी को डपट तक लगाई जा चुकी है।