
सतना। निगम में इन दिनों गहमागहमी मची हुई है। कारण, निगम मंगलवार को बजट प्रस्तुत करने जा रहा है। दोपहर 12.30 बजे परिषद की बैठक होगी। उसमें करीब 4 अरब का बजट रखा जाएगा। निगम को जहां भारी भरकम आय जुटाने की कवायद करनी है वहीं हंगामे के आसार भी हैं। विपक्ष के साथ-साथ सत्ताधारी दल के पार्षद भी प्रस्तावित बजट से संतुष्ट नहीं नजर आ रहे हैं। स्थिति को भांपते हुए सोमवार को भाजपा कार्यालय में जिला अध्यक्ष की उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई।
वार्ड विकास पर चर्चा
इसमें महापौर ममता पाण्डेय, ननि अध्यक्ष अनिल जैसवाल सहित दो दर्जन पार्षद उपस्थित रहे। वहां हिदायत दी गई कि वार्ड विकास पर चर्चा हो। ऐसा कदम न उठाएं जिससे पार्टी की छवि खराब हो।उल्लेखनीय है कि एमआईसी के पटल पर बजट स्वीकृति के लिए प्रस्तुत हो चुका है। जिसे अब परिषद की बैठक में रखा जा रहा है। इससे वर्ष 2018-19 में शहर की दशा-दिशा तय होने वाली है।
इनसे कमाएंगे
सूत्र बताते हैं, विगत वर्ष निगम संपत्तिकर व दुकानों से किराए से करीब 5 करोड़ रुपए कमाए थे। इस वर्ष करीब 1 अरब से ज्यादा कमाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पीछे कारण बताया जा रहा कि विगत बजट में अनुमानित बजट 9.7 करोड़ की अपेक्षा मात्र 5.3 करोड़ की आय हो सकी थी। यानी, 9.7 करोड़ के अनुमानित बजट में ही वृद्धि की तैयारी की जा रही है।
इस पर तकरार
बजट में हंगामे का बड़ा कारण संपत्तिकर का निर्धारण है। इसको लेकर सहमति नहीं बना पाई है। निगमायुक्त के प्रस्ताव को एमआईसी पास कर भोपाल भेज चुकी है। वहीं पार्षद इस बात को लेकर लामबंद हैं। माना जा रहा कि इस विषय पर विपक्ष व सत्तापक्ष के पार्षद हंगामा करेंगे। वार्डवार बजट का निर्धारण न होना भी विवाद का बड़ा कारण है।
एक रहो
हंगामे की आशंका को देखते हुए भाजपा ने सभी को एक करने बैठक की। इसमें पहले पार्षदों से उनकी वार्ड की समस्याओं के बारे में जाना गया। उसके बाद समस्याओं के निराकरण को लेकर उठाए जाने वाले कदम पर चर्चा की गई। प्रयास किया गया कि हंगामा न हो।
एक अरब की वृद्धि
इस वर्ष का बजट विगत वर्ष की अपेक्षा एक अरब तक बढ़ा है। वर्ष 2017-18 में 3.2 अरब का बजट पेश किया गया था। जबकि, इसके विरुद्ध निगम सालभर की कवायद के बाद 2.8 अरब कमा सका। अब वर्ष 2018-19 के लिए 4 अरब का बजट तैयार किया गया है। निगम को 1.2 अरब अतिरिक्त जुटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके लिए निगम अपने विभिन्न स्त्रोतों से करीब 1.25 अरब जुटाने का प्रयास करेगा। राज्य व केंद्र सरकार के अनुदान से 1.5 अरब मिलने का आकलन किया गया है। विगत वर्ष की आय से 1 अरब रुपए बचत की बात की जा रही है। जबकि पूंजीगत आय से भी 0.3 अरब मिलने का आकलन किया गया है।
संपत्तिकर पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा सभी एजेंडे जनता के हितों के मद्देनजर तैयार किए गए हैं। उम्मीद है, सर्वसम्मति से बिना हंगामा बजट पास होगा।
ममता पाण्डेय, महापौर, सतना
जनविरोधी बजट है। सभी एजेंडों का विरोध है। कांग्रेसी पार्षद लामबंद होकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसमें अन्य पार्षदों को भी साथ लाने का प्रयास होगा।
शैलेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष