मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे निचली बस्ती के लोग
सतना। वार्ड क्रमांक-19 यानी लाला लाजपत राय वार्ड। इस वार्ड के रहवासी भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। वार्ड में निचली बस्तियां हैं। बरसात में वहां पानी भर जाता है। गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ता है। जर्जर सड़कें विकास की हकीकत बयां कर रही हैं। बजबजाती नालियां स्वच्छता सर्वेक्षण की सच्चाई उजागर कर रही हैं। पार्षद जय प्रताप बागरी ने आम जनता के साथ मिलकर कई कार्य किए गए लेकिन वे कागजों में ही रहे। रहवासियों का कहना है यदि इस बार भी गत वर्ष जैसी बारिश हुई तो बस्ती के लोगों को अपना घर छोडऩा पड़ सकता है।
पानी को लेकर परेशानी
अमृत योजना के तहत 70 फीसदी इलाके में पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई। लेकिन, अब तक पानी नहीं मिला। जिन्होंने पैसा जमा किया उनको कनेक्शन ही नहीं मिला। रहवासी हैंडपंप और इधर-उधर भटक कर पानी की व्यवस्था कर लेते हैं। निगम का 24 घंटे पानी देने का वादा महज कोरा आश्वासन साबित हुआ है। उधर, पाइपलाइन डालने के लिए सड़क खोद दी गई।
बजबजा रही नालियां
वार्ड की नालियां बजबजा रही हैं। कुछ रसूखों ने नाली के ऊपर कब्जा कर लिया है। जो नालियां खुली हैं उनकी सफाई कम कर्मचारी होने के कारण नहीं हो पाती है।
रात में नहीं जलती स्ट्रीट लाइट
वार्ड की कई बस्तियों में रात होते ही स्ट्रीट लाइट गोल हो जाती है। कई बार निगम में सूचना दी गई, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में कभी-कभी घटनाएं भी हो जाती हैं। रहवासी रात में पैदल चलने से कतराते हैं।
हकीकत
- वार्ड क्रमांक: 19
- नाम: लाला लाजपत राय वार्ड
- कुल जनसंख्या : 5449
- अजा जनसंख्या : 1640
- अजजा जनसंख्या : 507
- मतदाता : 3754
- पुरुष : 1958
- महिला : 1796
जनता की पीड़ा
कहते हैं कि विकास हो रहा है पर हमें कोई काम दिखता नहीं। हमारे घर तक बिजली नहीं आई है। पानी व सड़क नहीं है। ये कैसा विकास है।
सद्दाम भाई
यहां रोड लाइट नहीं है। नालियों से दुर्गंध फैल रही है। जर्जर सड़कें चलने लायक नहीं हैं। निगम में कई बार शिकायत की पर कोई सुनने वाला नहीं है।
शांति कोल
पूरे शहर में काम जारी है। हमारे वार्ड में पाइपलाइन नहीं आई है। पेयजल के लिए सभी परेशान हंै। कई बार कहा गया पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
धीरू द्विवेदी
वार्ड में पार्क नहीं है। पर्याप्त जमीन होने के बाद भी कार्य नहीं हुआ। एक पार्क में सबने मिलकर काम किया था, उसे भी निगम ने तोड़ दिया।
हुकमत राय
निचली बस्ती में कोई आता नहीं है। यहां की पुलिया को चंदा कर बनवाया है। कोई सुनने वाला नहीं है। पानी तक के लिए भटकना पड़ता है।
अंजू साकेत
पेयजल के लिए हम लोगों को दूसरे वार्ड सुबह से जाना पड़ता है। हमारे घर तक के लिए सड़कें नहीं हैं। कच्चे मार्ग से आना पड़ता है।
सरोज गुप्ता
वार्ड में पेयजल के मुख्यस्रोत खत्म हो गए हैं। हैंडपंप तक नहीं है। नालियां तो हैं ही नहीं। पूरा निस्तार नाले से होता है। कोई सुनने वाला नहीं है।
अनीता गुप्ता
कई बार शिकायत की, लेकिन सड़क नहीं बनाई गई। जनता पेयजल के लिए परेशान है। सड़क न होने से भी समस्या है।
अर्जुन साकेत
वार्ड की मूल समस्या नाली, पानी व सड़क है। मैं अपने काम से असंतुष्ट हूं। विकास कार्य के लिए अर्जी पर अर्जी लगाई, लेकिन रिजल्ट कुछ नहीं निकला। पार्षद निधि से काम कराने की बात भी कही गई लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
जय प्रकाश बागरी, पार्षद