24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बड़ी खबर: 500 की आबादी में 100 से ज्यादा कुएं, MP की इस बस्ती में हर घर में है वाटरमैन

सतना में धुंधली तस्वीर: नगर निगम से नहीं मिला पानी तो हर घर में खोद लिया कुआं, दुर्गाबस्ती में 500 की आबादी में 100 से ज्यादा कुएं
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सतना

•

image

Suresh Mishra

•

Updated: 25 May 2018, 12:12 PM IST

in this area of satna city each home has its own well

in this area of satna city each home has its own well

राजेश धामी/अमन शुक्ला @ सतना। स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल सतना शहर में एक ऐसी भी बस्ती है जिसके हर घर में कुआं है। औद्योगिक क्षेत्र सिंधी कैम्प के पीछे 500 की आबादी वाली इस दुर्गाबस्ती में 100 से ज्यादा कुएं हैं। मजबूरी में बनाए गए इन कुओं के बावजूद यहां के बाशिंदे पानी के लिए भटक रहे हैं।

बस्ती की शांति देवी और अनीता ने पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया, निगम प्रशासन ने हमारी नहीं सुनी तो पानी जुटाने की यह तरकीब निकाली। घर के बाहर कुआं खोदना शुरू किया। हालांकि समस्या का अंत नहीं हुआ। इन कुओं से शुद्ध पानी नहीं मिलने से या तो दर-दर भटक रहे हैं या फिर गंदा पानी ही पी रहे हैं।

10-15 फीट गहरे कुएं
दो नालों के बीच बसी इस बस्ती को निगम प्रशासन ने अवैध बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है। निगम के कॉलोनी में पानी की व्यवस्था करने से इनकार करने के बाद रहवासियों को जब किसी भी चौखट से मदद नहीं मिली तो उन्होंने प्यास बुझाने के लिए घर के आंगन और द्वार पर कुएं खोदना शुरू किया। खोदे गए इन 10 से 15 फीट गहरे इन कच्चे कुओं में नाले का गंदा पानी रिस कर आता है। इसी पानी से बस्ती के लोगों का गुजर-बसर हो रहा है। हालांकि इससे उनकी सेहत भी खराब हो रही है। गंदा पानी पीने से कई लोग गंभीर बीमारी की जद में हैं।

पुलिया भी नजीर
इस बस्ती के लोगों ने पुलिया बनवाकर भी नजीर पेश की है। वार्ड की सरोज गुप्ता और जय शुक्ला ने बताया कि पहुंच मार्ग की हालत पगडंडी से भी खराब है। पुलिया नहीं होने के कारण भी परेशानी होती थी। निगम प्रशासन से मदद मांगी पर सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में लोगों ने आपस में चंदा कर एक हफ्ते की कड़ी मेहनत में पुलिया बना डाला।

कॉलोनी अवैध हो तो भी पानी मिले
यह निगम प्रशासन की लापरवाही है। मैं दुर्गाबस्ती जाकर वहां के लोगों से मुलाकात करूंगी। बस्ती वैध हो या अवैध, किसी को पानी से वंचित नहीं
किया जा सकता।
ममता पाण्डेय, महापौर सतना

यदि ऐसे हालात हैं तो बेहद निराशाजनक बात है। नगर निगम को इस ओर ध्यान देना चाहिए। मैं वहां के लोगों से मिलूंगा, जो भी वैकल्पिक व्यवस्था होगी बनवाई जाएगी।
शंकरलाल तिवारी, विधायक सतना

ऐसी है बस्ती
- आबादी-500
- कुएं- 100
- मकान- 250 से अधिक