सतना

सतना वार्ड-क्रमांक-2: गांव से खराब वार्ड की हालत, अतिक्रमण की भेंट चढ़ा तालाब

मूलभूत सुविधाओं को तरस रह रहे रहवासी, पार्षद व जनता लगी रही निगम पर मनमानी का आरोप

3 min read
May 03, 2018
Satna Nagar Nigam Ward No. 2 news in hindi

सतना। नगर निगम वार्ड दो को विकसित करने का दावा विगत चार साल से कर रहा है। नाली, सड़क, बिजली व पानी को लेकर तमाम कवायद करने की बात की जाती रही है। लेकिन, व्यावहारिक हकीकत विपरीत है। आम जनता निगम के सारे दावों की पोल खोलती है। वार्ड पार्षद व जनता निगम पर विकास के नाम पर मनमानी काम करने का आरोप लगा रहे हैं। शहर के बड़े तालाबों में बंजरहा तालाब का नाम भी आता है। संयोग से वार्ड दो में ही यह तालाब स्थापित है।

तालाब का बड़ा भाग अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है। इसको लेकर स्थानीय रहवासियों ने कई बार शिकायतें की, लेकिन कभी भी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब तालाब सूखते जा रहा है। जबकि इस तालाब के कारण क्षेत्र का जलस्तर बेहतर रहता था। यहां बुनियादी सुविधाओं का टोटा है।

ये भी पढ़ें

गर्मी में भी बरसात जैसे हालात, वार्ड नं.2 की दुर्दशा देखें इन तस्वीरों में

आज तक शत प्रतिशत घरों में बिजली तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। जलावर्धन की पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। समूचा वार्ड गंदगी से पटा हुआ है। सड़क के मध्य पुलिया में -होल है, जो हादसे को आमंत्रण दे रही है। उससे सरिया तक बाहर निकला हुआ है। लेकिन, किसी जिम्मेदार ने इधर ध्यान नहीं दिया।

बेमानी हुई कवायद
रहवासी बताते हैं, बंजरहा तालाब का निरीक्षण करने महापौर व निगमायुक्त दोनों आ चुके हैं। उस दौरान दावा किया गया था कि रसूखदारों के कब्जे से तालाब को मुक्त कराया जाएगा। साथ ही सौंदर्यीकरण किया जाएगा। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं। केवल कोरे आश्वासन रह गए।

बजबजा रही गंदगी
उमरी क्षेत्र में कई स्थान हैं जहां भरी गर्मी में बारिश के दिनों जैसे हालात हैं। न नाली है, न पानी निकासी की कोई अन्य व्यवस्था। रहवासियों के घरों का पानी खाली प्लॉट में जा रहा है। वहीं कूड़ा-कचरा फेंक दिया जाता है। इससे गंदगी बजबजा रही है। निगम द्वारा सफाई तक नहीं कराई जाती। जबकि आसपास गंदे पानी के चलते लोग बीमारी का शिकार हो रहें हैं।

क्षतिग्रस्त नाली नहीं बनी दोबारा
जलावर्धन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम गत वर्ष हुआ था। उसी दौरान नाली टूट कर क्षतिग्रस्त हो गई थी। लगभग सालभर हो चुके हैं निगम ने नाली को नहीं बनवाया। वार्डवासियों का सवाल हैं कि निगम और संविदा कंपनी के बीच अनुबंध है कि सड़क व नाली खुदाई के बाद उसे जस के तस हाल में बनाना होगा। तो फिर नाली क्यों नहीं सुधरवाई गई? अनुबंध शर्त का उल्लंघन होते हुए भी ठेका कंपनी को नगर निगम भुगतान कर देता है। इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।

घटिया काम सीवर का
206 करोड़ की लागत से परवान चढ़ रही सीवर योजना में सबसे घटिया काम करने का आरोप वार्ड पार्षद सहित रहवासियों ने लगाया। जहां मर्जी पड़ रही है वहां बगैर प्लान के खुदाई की जाती है। बिछाई जा रही लाइन की गोल वृत्त चौड़ाई कम है। चेम्बर बनाने में भी लापरवाही की जा रही है।

धंस गया हैंडपंप, उगल रहा हवा
वार्ड में लगे हैंडपंप हवा उगल रहे हैं। जमीन के नीचे धंस चुके हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। रहवासियों का आरोप है कि नया कनेक्शन लेने के बाद भी पानी समय पर नहीं मिल रहा। चौबीस घंटे पानी देने का जो वादा नगर सरकार ने किया था वह झूठा साबित हो रहा है।

हमारे क्षेत्र में पाइपलाइन अभी तक नहीं डाली गई है। इस कारण पेयजल की समस्या व्याप्त है। कई बार निगम के जो अधिकारी आए थे उन्हें बताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
अमर विश्वकर्मा

वार्ड में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। लिहाजा, प्लॉटों में नाली का पानी भरता है। इसको लेकर वार्ड पार्षद के साथ जिम्मेदार अधिकारियों से मिले। लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ।
आर. गोस्वामी

वार्ड की नालियां बजबजा रही हैं। सफाई कर्मचारी कभी-कभी दिखते हैं। जब कभी सफाई होती है, तो कचरा नाली के बाहर सड़क पर फेंकने से समस्या बनी रहती है।
बीडी पाण्डेय

नाली के पानी की निकासी न होने से पानी सड़कों पर आता है। वार्ड के कई इलाकों में पेयजल की समस्या है। इस कारण आसपास के लोगों से पानी लेकर काम चलाया जाता है।
शिव प्रसाद पटेल

नालियों की सफाई नहीं होती है। नाली की सफाई खुद करनी होती है। कई बार सफाई को लेकर शिकायत की, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
विष्णु दत्त गौतम

वार्ड की अधिकतर सड़कें कई वर्षों बाद बनीं और नई योजना के तहत उखाड़ दी गईं। इस कारण आम जनता परेशान है। वार्ड विकास के नाम पर पहले नाली का निर्माण हुआ और आज सभी नालियों का पानी आगे नहीं जा रहा है।
शरद द्विवेदी

वार्ड की कई गलियों में रात में स्ट्रीट लाइट नहीं जलती है। कई बार वार्ड पार्षद के साथ सफाई कर्मचारियों को समझाया गया, लेकिन इसके बाद भी नाली की सफाई नहीं होती है।
अनिल पेटल

वार्ड में पेयजल की नई योजना के बाद भी कई इलाकों में पानी नहीं आ रहा है। इस कारण आम जनता परेशान है। निगम कर्मचारी किसी की नहीं सुनते हैं।
पवन गौतम

वार्ड में कई नालियां टूटी हैं। उनकी मरम्मत न होने से नाली का पानी सड़को पर बहता रहता है। इस समस्या की शिकायत की गई लेकिन आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया।
भोलू पाण्डेय

निगम कर्मचारी वार्ड में कम आते हैं। वार्ड में सफाई कम होने से मच्छरों का रात होते ही प्रकोप बढ़ जाता है। जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं।
पुष्पेन्द्र मिश्र

ये भी पढ़ें

मच्छर मारने का ये है घरेलू असरदार तरीका, 1 मिनट में हो जाएंगे छूमंतर
Published on:
03 May 2018 05:47 pm
Also Read
View All