
सतना। बांधवगढ़ कॉलोनी का नाम सुनते ही पॉश कॉलोनी का ख्याल आ जाता है। आए भी क्यों ना। यहां सांसद गणेश सिंह, उद्योगपति पवन आहलूवालिया जैसे अन्य प्रभावकारी लोग रहते हैं। लेकिन, वार्ड की व्यवस्थाओं को देखकर इसकी तुलना भी अन्य वार्डों से की जाती है। वार्ड क्रमांक-20 के अंतर्गत आने वाली इस कॉलोनी में समस्याओं का अंबार है। यहां स्थित तालाब पर भू-माफिया की नजर पड़ी और इसके 60 फीसदी हिस्से पर पक्के मकान तन गए।
शेष हिस्से में भी अतिक्रमण का खेल जारी है। तालाब 16 एकड़ का था। उसके 10 एकड़ में बस्ती बस गई है। स्थानीय रहवासी बताते हैं, शुरुआती दौर में तालाब हमेशा भरा रहता था। गर्मी के मौसम में इससे क्षेत्र का जलस्तर पर भी बना रहता था। धीरे-धीरे लोग इसके किनारे बसने लगे। बाद में पक्के मकान तन गए। राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर कुछ लोगों ने स्थाई पट्टा तक ले लिया है। खरीद-बिक्री तक कर रहे हैं। पूरा खेल सुनियोजित ढंग से खेला गया है। इसमें शहर के प्रभावकारी राजनीतिज्ञ भी शामिल हैं।
बुनियादी सुविधाएं नहीं
वार्ड में बुनियादी सुविधाएं नाममात्र की हैं। स्थानीय रहवासी बताते हैं, पानी सप्लाई व्यवस्थित नहीं है। कभी पानी आता है, तो कभी नहीं। वहीं स्ट्रीट लाइट आए दिन बंद होती रहती है। सफाई का भगवान ही मालिक है। वार्ड के प्रमुख मार्ग पर सफाई नजर आती है। शेष सड़कों की सफाई नहीं होती।
कचरा फेंकने की जगह
तालाब को कचरा डंपिंग यार्ड बना दिया गया है। मोहल्ले के अधिकतर लोग कचरा फेंकने का काम करते हैं। शुरुआती दौर में कुछ लोग इसका विरोध भी करते थे। लेकिन, व्यक्तिगत विवाद खड़ा होने पर वे लोग भी चुप्पी साधकर बैठ गए।
निगम की योजना बेमानी
निगम ने तालाब के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई थी, लेकिन, कवायद बेमानी साबित हुई। प्रस्ताव में तालाब किनारे पौधरोपण से लेकर नाव चलाने तक का जिक्र है, लेकिन, वर्तमान में एक टूटी नाव तालाब में दिखती है। योजना फाइलों में दफन है।
हकीकत
- कॉलोनी बांधवगढ़
- वार्ड का नाम सरदार पटेल
- कुल जनसंख्या 6016
- अजा जनसंख्या 154
- अजजा जनसंख्या 13
- मतदाता 3931
- पुरुष 2085
- महिला 1846
नालियों की सफाई नहीं होती परिवारवाद के चलते वार्ड में काम नहीं हो रहे हंै। गरीब के लिए पेयजल की सुविधा नहीं है।
दीपा सोनी
एक भी सार्वजनिक बोर नहीं है। पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। समस्या को लेकर शिकायत भी की गई पर कुछ भी नहीं हुआ है।
लक्ष्मी नारायण उपाध्याय
वार्ड में एक तालाब है। उसके आसपास गंदगी के अलावा कुछ भी नहीं है। शिकायत की पर तालाब से न अतिक्र मण हटा और तालाब की सफाई हुई।
नितिन पंजवानी
वार्ड के अतिक्रमणकारियों ने सिंधी कैम्प के प्रमुख तालाब पर अतिक्रमण कर लिया है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनने वाली नहीं है।
विद्या प्रकाश तिवारी
वार्ड में जो भी कुएं हैं, उनकी सफाई नहीं होती है। पेयजल से हर गली का आदमी परेशान है। कई बार शिकायत के बाद भी, कुछ नहीं हुआ।
विमला गौतम
पुरुस्वानी तालाब 16 एकड़ था। आज इस पर अतिक्रमण कर लिया है। सड़कों की सफाई होती नहीं है। नई पाइपलाइन का पानी नहीं आया हैै।
मिथलेश तिवारी
प्रमुख मार्ग पर कब्जा करने के कारण आम जनता परेशान है। पेयजल की समस्या दूर करने पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन अभी पानी नहीं मिला है। रात में स्ट्रीट लाइट नहीं जलती है।
आदेश गुप्ता
कई वार्डों में यह इकलौता तालाब है। इसे पर्यटन स्थल बनाने के लिए टेंडर हो चुका है। लेकिन अतिक्रमण के चलते विकास नहीं हो पा रहा। निगम प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
रेणू सिंह, पार्षद