
सतना. शहर की विभिन्न शासकीय जमीनों और भवनों का वर्तमान आबादी और व्यवस्था के हिसाब से रिडेंसीफिकेशन (पुनर्घनत्वीकरण) किये जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। हालांकि इसके पहले भी यह प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी लेकिन शासन स्तर पर इसे सहमति नहीं मिल पाई थी और कुछ प्रस्तावों पर तत्कालीन जनप्रतिनिधियों ने अपनी असहमति जताते हुए इसे बाधित कर दिया था। अब एक बार फिर नये सिरे से शहर की तीन और मैहर की दो जमीनों का रिडेंसीफिकेशन किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसमें पुराना पॉलीटेक्निक की सिविल लाइन्स स्थित जमीन, पुरानी आबकारी और लोक निर्माण विभाग की जमीनें और भवन शामिल हैं। इसके अलावा मैहर का पुराना रेस्ट हाउस और पुराना लोनिवि कार्यालय शामिल है। इस संबंध में सोमवार को कलेक्टर अनुराग वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय रिडेंसीफिकेशन समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, निगमायुक्त राजेश शाही, ईई हाउसिंग बोर्ड महेश घनघोरिया सहित अन्य शामिल रहे।
यह है रिडेंसीफिकेशन का प्रस्ताव
सिविल लाइन्स स्थित पुराना पॉलीटेक्निक की जमीन और भवन को रिडेंसीफिकेशन में शामिल किया गया है। इसमें पुराना डीपीसी कार्यालय, पीएचई कार्यालय, पुराना सिविल लाइन थाना और पुराना पॉलीटेक्निक भवन का क्षेत्र शामिल है। इसकी आधार प्राइज 89.38 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके एवज में 112 सरकारी आवास, 500 क्षमता वाला ऑडीटोरियम सहित अन्य निर्माण जिनकी लागत 70.29 करोड़ है निर्मित किए जाएंगे।
लोनिवि कार्यालय में बनेगी मल्टीलेबल पार्किंग
जय स्तंभ चौक के पास स्थित लोनिवि कार्यालय को भी रिडेंसीफिकेशन में शामिल किया गया है। इसका आधार मूल्य 14.16 करोड़ रुपये तय किया गया है। इसके एवज में यहां 8.95 करोड़ रुपये की मल्टी लेबल पार्किंग निर्मित की जाएगी। इसके इंट्री और एक्जिट प्वाइंट पर स्थल निरीक्षण का निर्णय लिया गया। पुरानी आबकारी के संबंध में अगले फेज में निर्णय लिये जाने पर सहमति बनी।
मैहर की दो जमीनों का रिडेंसीफिकेशन
इसी तरह से मैहर स्थित पुराना रेस्ट हाउस और पुराना लोनिवि कार्यालय का भी रिडेंसीफिकेशन किए जाने पर सहमति बनी है। इसका आधार मूल्य 35.14 करोड़ रुपये तय किया गया है। इसके एवज में 24.54 करोड़ रुपये में 8.95 करोड़ में 30 स्टाफ क्वार्टर, नये रेस्ट हाउस में 6 सर्वसुविधायुक्त कमरे, पुरानी उमावि कन्या विद्यालय का नवीन भवन सहित इसी परिसर में छात्रावास का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा देवी मंदिर में जिन स्थानों पर शेड नहीं है वहां शेड लगाए जाएंगे और सीढियों को भी उन्नत किया जाएगा।
राज्य शासन को जाएगा प्रस्ताव
जिला स्तरीय समिति से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद अब इसे स्वीकृति के लिये राज्य शासन को भेजा जाएगा। जहां से अनुमति मिलने के बाद इन जमीनों पर रिडेंसीफिकेशन के लिये जमीनों की नीलामी प्रक्रिया निजी क्षेत्र के लिये प्रारंभ होगी।