धौराहरा-रौंड़-खमरिया मार्ग: हादसे के बाद भी नहीं बना पुल, नागौद जनपद की ग्राम पंचायत खमरिया खुर्द में भी यही स्थिति है
सतना/ नागौद जनपद की ग्राम पंचायत खमरिया खुर्द में भी यही स्थिति है। यहां भी जरा सी बारिश में पनास नदी का पुल डूब जाता है। जिससे आवागमन ठप हो जाता है। गुुरुवार को एक महिला बीमार पड़ गई तो उसे ट्रैक्टर के ट्यूब का सहारा लेकर ग्रामीणों ने नदी पार कराया। धौराहरा-रौंड़-खमरिया पहुंच मार्ग पर बने इस पुल से करीब आधा दर्जन गांवों के रहवासियों का आना-जाना है।
लेकिन तेज बारिश के बाद वे गांव ही कैद होकर रह जाते हैं। जरूरी काम पडऩे पर जान जोखिम में डालकर नदी पार करना पड़ता है। पांच साल पहले पुल पार करते समय एक बच्चे की मौत हो गई थी। तब जनप्रतिनिधियों ने पुल नवनिर्माण कराने का आश्वासन देकर भूल गए। करीब १० हजार लोगों की बरसात परेशानी भरी होती है।
आने-जाने के लिए रस्सी का सहारा
घुनवारा क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते गांवों को एक दूसरे से जोडऩे वाले मार्ग बंद हो जाते है। दो दिनों से हो रही बारिश ग्राम सेमरा में टमस नदी पर पानी बढ़ गया। नदीं पर बना पुल पानी में डूब गया लेकिन ग्रामीण जान हथेली पर रखकर इन पुल को रस्सी के सहारे पार कर रहे है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुल पर नदी नालों का पानी आने के बावजूद प्रशासन द्वारा यहां सुरक्षा के कोई इंतजामात नहीं किया जाता।
पुलिस के जवान तक तैनात नही
न तो इस पुल पर बेरिकेटिंग की गई है और पुलिया पर पानी ऊपर से जाने के बाबजूद यहां पुलिस के जवान तक तैनात नही किए जाते। नदी का पुल छोटा होने से आए दिन ग्रामीणों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। नेशनल हाइवे सात मुख्य मार्ग से सेमरा ग्राम को जोड़ता है लेकिन नदी पर बड़ा और चौड़ा पुल का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों की मुश्किले बढ़ जाती है।