सतना

रेल राज्यमंत्री ने किया MP की इस नई रेल लाइन का शिलान्यास, जानिए क्या होगा खास

2019 तक बन जाएगा नागौद तक का ट्रैक, पन्ना लाइन का काम 2022 तक हो जाएगा पूरा, सांसद ने मांगा सतना में एक कारखाना

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Jan 19, 2018
Satna Panna New Rail Line founded by Rail minister

सतना। सतना-पन्ना रेललाइन का शिलान्यास करने गुरुवार की शाम करीब सवा चार बजे पहुंचे रेल राज्यमंत्री राजेन गोहाई को नागौद का अगोल मैदान खचाखच मिला। भीड़ देखकर अभिभूत हुए गोहाई ने मंच पर माइक थामते ही साफ कर दिया कि असमिया लहजे की हिंदी में अपनी बात रखूंगा। लिहाजा, भाषाई खामी को नजरअंदाज करते हुए क्षमा करें।

रेल राज्यमंत्री के इस अंदाज से ठहाके के साथ तालियों की गडग़ड़ाहट भी हुई। बोले, लोगों की भारी मौजूदगी बताती है कि यह रेल लाइन यहां के लिए क्या मायने रखती है? रेल राज्यमंत्री ने कहा, 541 किमी. ललितपुर-सिंगरौली परियोजना में आज 74 किमी. का काम शुरू हो रहा है।

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अहमियत का अहसास

आज भले ही कुछ नजर नहीं आ रहा, लेकिन जिस दिन लाइन बनकर तैयार होगी तब इसकी अहमियत का अहसास होगा। यह लाइन आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक हर क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक बदलाव करेगी। दिसम्बर 2019 तक सतना-नागौद ट्रैक पूरा हो जाएगा।

इस क्षेत्र में ट्रेन पटरी पर दौडऩे लगेगी

2021-22 तक पन्ना की लाइन पूरी हो जाएगी। इसके बाद इस क्षेत्र में ट्रेन पटरी पर दौडऩे लगेगी। समारोह में जिले के जनप्रतिनिधियों की मांगों व सुझाव पर उन्होंने आश्वस्त किया कि रेलवे के जीएम से बात कर ज्यादा से ज्यादा मांगें पूरी करने की कोशिश की जाएंगी।

उचेहरा फाटक के लिए यूपीए ने दिया था पैसा
यादवेंद्र सिंह ने कहा, उचेहरा रेलवे क्रॉसिंग घंटों बंद रहता है। इससे वाहन फंसे रहते हैं। वहां रेलवे ओवरब्रिज क्यों नहीं बन रहा? यह समझ से बाहर है। इस काम के लिए यूपीए सरकार ने पैसा दिया था, लेकिन राज्य सरकार ध्यान नहीं दे रही। जबकि ब्रिज जरूरी है। उन्होंने बांधी, मौहार व लोहरौरा में ब्रिज बनाए जाने की बात कही।

पन्ना वालों ने नहीं देखी ट्रेन, अब सफर करेंगे: बागरी

समारोह में गुनौर विधायक महेंद्र बागरी बोले कि पन्ना वालों ने अब तक अपने क्षेत्र में ट्रेन नहीं देखी। अब उसमें बैठकर सफर करेंगे। एक वक्त तो ऐसा आया था जब लगा कि ये प्रोजेक्ट लटक जाएगा? अब खुशी है कि इस पर काम तेज रफ्तार से शुरू हुआ है।

ये रहे मौजूद
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सुधा सिंह, कलेक्टर मुकेश कुमार शुक्ला, सीपीआरओ गुंजन गुप्ता, नगर पंचायत अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, जनपद अध्यक्ष गायत्री पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र त्रिपाठी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेन्द्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

नागौद में 77 हजार, चुरहट में 65 लाख!
रेल राज्यमंत्री वायुयान से खजुराहो में उतरने के बाद सड़क मार्ग से नागौद पहुंचे। इस दौरान पन्ना व नागौद से लगे गांवों में लोगों ने ज्ञापन देकर अपनी व्यथा सुनाई। पन्ना, देवेंद्रनगर, फुलवारी आदि गांवों में लोगों ने रेलमंत्री से भूमि अधिग्रहण पर मुअवजे पर असंतोष जताते हुए वर्गफीट पर मुआवजा देने की मांग की। नागौद के गंगवरिया गांव के किसानों ने ज्ञापन देकर उचित मुआवजा देने की मांग की।

मुआवजे के अवार्ड में इतना अंतर कैसे

किसानों ने सीधी की चुरहट तहसील के गांव चिलरी कला में हुए अधिग्रहण का हवाला देते हुए बताया कि वहां 0.026 हे. भूमि के बदले लोगों को 655694.03 रुपए मुआवजा दिया गया जबकि गंगवरिया में इतनी ही जमीन के एवज में महज 77877 रुपए थमा दिए, जो सरासर अन्याय है। किसानों ने पूछा कि जब चुरहट का चिलरी कला व नागौद का गंगवरिया शासन की एक जैसी नॉन प्लानिंग ग्रामों की सूची में शामिल है तो मुआवजे के अवार्ड में इतना अंतर कैसे आ गया?

सतना में प्लेटफॉर्म 4 का निर्माण हो

नागौद में समाजवादी पार्टी ने ज्ञापन देकर कई मांगे रखी। सपा जिलाध्यक्ष राजेश दुबे नें बताया कि सतना में प्लेटफॉर्म 4 का निर्माण, सतना से राजकोट गाड़ी, दिल्ली व मुम्बई की सीधी ट्रेन, वीआईपी कोटा में इजाफा, सहित कई मांगे रेल राज्य मंत्री से की।

रेलवे सुविधाओं के विस्तार में कई सुझाव

आरटीआई कार्यकर्ता एड. राजीव खरे ने रेल राज्य मंत्री को सतना में रेलवे सुविधाओं के विस्तार के संबंध में कई सुझाव दिए। बताया कि इलाहाबाद की ओर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने से जिलेवासियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। स्टेशन से मालगोदाम को पुरानी जेपी सायडिंग में शिफ्ट करने, चित्रकूट स्टेशन को सुविधायुक्त बनाने सहित कई सुझाव दिए गए।

मंच पर बैठने को लेकर हॉट-टॉक
रेल राज्यमंत्री के आने से पहले कार्यक्रम स्थल पर रेलवे अधिकारियों व भाजपा नेताओं के बीच हॉट टॉक हो गई। मंच पर पार्टी के नेताओं को स्थान नहीं देने पर भाजपा नेता उखड़ गए। रेलवे अधिकारियों से मंच पर व्यवस्था बनाने को कहा तो जवाब आया कि जितने अथितियों के नाम पूर्व में तय किए गए हैं वही बैठेंगे। इतना सुनते ही भाजपा नेता भड़क गए।

मंच पर ही बहस

डीआरएम मनोज सिंह से मंच पर ही बहस हो गई। बताया गया कि रेलवे ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों के अलावा अपने बड़े अधिकारियों के लिए मंच पर कुर्सियां लगाईं थीं। भाजपा नेताओं का आरोप था कि स्थानीय जनप्रतिनधियों की उपेक्षा की जा रही है। बहस का फायदा उठाकर भाजपा के कुछ पदाधिकारी व पूर्व पदाधिकारी मंच पर काबिज हो गए।

60 लाख का मुआवजा 30 कैसे हो गया
रैगांव विधायक ऊषा चौधरी ने कहा, मुआवजा पहले कलेक्टर रेट पर 60 लाख था अब 30 लाख हो गया है। जमीन देने वालों को नौकरी तो मिले ही। कार्यक्रम से नदारत पीएचई मंत्री कुसुम मेहदेले पर चुटकी लेते हुए कहा, वो इसलिए यहां नहीं आईं कि कहीं मुझसे से मुलाकात न हो जाएं? ऊषा द्वारा मप्र को बीमारू राज्य से उबरने व रेल लाइन के लिए सांसद को श्रेय देने पर यादवेंद्र सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि एेसा लगता है कि वो भाजपा ज्वाइन करने वाली हैं।

कार्यक्रम से गायब रहे विशिष्ट अतिथि
बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना के सतना-पन्ना लाइन के शिलान्यास समारोह में कुछ विशिष्ट अतिथि नहीं पहुंचे। समारोह में खजुराहो सांसद नागेंद्र सिंह, पीएचई मंत्री व कुसुम सिंह मेहदेले बड़े नाम रहे, जिनकी गैर मौजूदगी चर्चा का विषय रही। इन दोनों विशिष्ट अतिथियों के नाम उस शिलापट्टी में भी दर्ज थे, जिसका रेल राज्यमंत्री ने बटन दबाकर अनावरण किया है।

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Published on:
19 Jan 2018 12:43 pm
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