
Dacoit gangwar on war in Satna and chitrakoot Bundelkhand area
सतना. तराई में बुधवार को दो दस्यु आमने-सामने हो गए। नतीजतन, अल सुबह जंगल गोलियों की आवाज से गूंज उठा। इससे आसपास के ग्रामीण दहशत में आ गए। आनन-फानन पुलिस को सूचना दी गई। यूपी पुलिस ने जंगल के आसपास कॉम्बिग की। लेकिन, कोई लाभ नहीं हुआ। डकैत मौके से फरार हो चुके थे। बताया जाता है कि गौरी गैंग रैपुरा अंतर्गत गौरेया जंगल में मंगलवार को रात के वक्त डेरा डाले थी।
पुलिस के शक में डकैतों ने की फायरिंग
बुधवार सुबह करीब 4 बजे के आसपास क्षेत्र से धोनी गैंग के आधा दर्जन सदस्य गुजर रहे थे। घने जंगल के बीच चलने की आहट पाते ही गौरी गैंग सतर्क हो गई। गौरी गैंग के सदस्यों को लगा कि पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी है। स्थिति का आकलन करने के लिए उन्होंने फायर कर दिया गया। इससे दूसरी ओर से भी फायरिंग होने लगी। जब अहसास हुआ कि पुलिस नहीं है तो गैंग के सदस्यों ने फायर बंद किया।
यूपी पुलिस पहुंची मौके पर
जंगल में ग्रामीणों द्वारा गैंगवार की सूचना मिलने के बाद रैपुरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ करने के बाद संबंधित जंगल की देर रात सर्चिंग भी की। जंगल में यूपी पुलिस ने काफी छानबीन की, लेकिन पुलिस को कोई फायदा नहीं हुआ। जब तक पुलिस जंगल में सर्चिंग करती उससे पहले ही गौरी और धोनी गैंग के सदस्य मौके से फरार हो चुके थे।
आधा घंटे तक फायरिंग
सूत्र बताते हैं, गौरेया के जंगल में काफी देर तक गोलियों की आवाज सुनाई दी। आधा घंटे तक एक के बाद एक गोली चल रही थी। जंगल में रूक-रूककर हो रही फायरिंग से ग्रामीण काफी भयभीत हो गए थे। काफी देर बाद जंगल में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट बंद हो गई। बताया जाता है कि जंगल में दोनों गैंगों की ओर से दो दर्जन से अधिक राउंड फायर किए गए।
Published on:
19 Jan 2018 07:03 am
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