जनसुनवाई में आए फरियादियों ने एसपी को बयां किया दर्द
सतना। एसपी साहब! हमारे घर में चोरी हुई, हमने पुलिस को संदेहियों के नाम सहित शिकायती पत्र भी सौंपा। लेकिन पुलिस ने कार्यवाही करना तो दूर संदेहियों को पकड़कर पूछताछ तक नहीं की। घर में रखे गहने जेवर व नकदी चुराकर संदेही मौज कर रहे हैं और हम दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
यह पीड़ा उन फरियादियों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में एसपी राजेश हिंगणकर के सामने बयां कि जिनके घर में चोरी की घटना होने के दो से तीन माह बीत जाने के बावजूद चोर पकड़े नहीं गए और चोरी का सामान भी वापस नहीं मिला।
ये है मामला
फरियादियों का कहना था कि थाना पुलिस शिकायत के बाद भी मामले में जांच की बजाय टोलमटोल करती रहती है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में सभी थानों से एक सैकड़ा से ज्यादा लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। जनसुनवाई में सीएम हेल्पलाइन व अन्य मामलों का निराकरण किया गया। एसपी राजेश हिंगणकर ने बताया कि शिविर में 65 मामलों का निराकरण कर दिया गया है व बाकी मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। शिविर मे एसपी के अलावा एसएसपी गुरुकरण सिंह व सीएसपी वीडी पाण्डेय ने भी मामलों में सुनवाई की। शिविर के दौरान आरआई राहुल देवलिया व सभी थानों के प्रभारी मौजूद रहे।
कार्रवाई नहीं
उचेहरा थाना इलाके के इटहा खोखर्रा से आए कमल प्रसाद केवट ने बताया कि १६ मार्च को उनके घर घुसे चोरों ने तीन लाख के सोने-चांदी के गहने ले उड़े। इसी सीजन में बेटी की शादी करने के लिए गहने बनवाए थे। घटना की रिपोर्ट उचेहरा थाने मे लिखाई गई जिसमें बताया गया कि सुनील केवट पर चोरी का संदेह है लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। घर से गहने भी चले गए।
सूने घर में चोरी
जनसुनवाई में बदखर से आईं फरियादी साधना पाण्डेय ने बताया कि उनके सूने घर में ११ फरवरी को चोरी हुई थी। घटना की रिपोर्ट भाई मुनेश त्रिपाठी ने कोलगवां थाने में दर्ज कर बताया था कि पड़हार थाना सभापुर निवासी अशोक पाण्डेय व पप्पू पाठक ने चोरी की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने घटना के बाद न ही मौके से फिंगर प्रिंट लिए और न ही कोई जांच की। जिसके चलते संदेही अब आए दिन धमकी देने लगे हैं।