
Central Jail Satna (Photo Source - Patrika)
Central Jail Satna: एमपी की सतना केंद्रीय जेल में बंदियों तक नशा और अन्य प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने इंचाने के मामलों पर जेल प्रशासन की कार्रवाई का असर दिखाई नहीं दे रहा है। अधिकारियों की सख्ती और जांच के दावे के बावजूद जेल कर्मचारियों की संलिप्तता के नए मामले सामने आ रहे है। दो दिन के भीतर दूसरा जेल कर्मचारी कार्रवाई की जद में आया है, या है, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
शुक्रवार को केंद्रीय जेल के मुख्य द्वार पर जांच के दौरान ड्यूटी पर पहुंच रहे प्रहरी बनवारी लाल जाटव की तलाशी ली गई। मुख्य प्रहरी सैय्यद इसरार अली द्वारा की गई जांच में उसके पास से कागज और टेप की सहायता से तैयार की गई 10 से 12 ग्राम तंबाकू की पुड़िया बरामद हुई। जेल प्रशासन ने मौके पर जब्ती पंचनामा तैयार कर सामग्री जब्त कर ली।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि संबंधित प्रहरी तंबाकू किसी बंदी तक पहुंचाने के उद्देश्य से जेल के भीतर ले जा रहा था। मामले को गंभीर मानते हुए जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीया जांच के आदेश दे दिए हैं।
केंद्रीय जेल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। कुछ माह पहले हत्या के एक आरोपी बंदी के पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ था। उस घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठे थे। लगातार सामने आ रहे मामलों से यह संकेत मिल रहा है कि जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो सका है।
गुरुवार को ही सोशल मीडिया पर केंद्रीय जेल से जुड़े तीन कथित ऑडियो क्लिप वायरल हुए थे। इनमें प्रमुख मुख्य प्रहरी राजेंद्र चौधरी और एक अन्य व्यक्ति के बीच गांजा, शराब और रुपए के लेन-दे को लेकर बातचीत होने का दावा किया गया था। वायरल ऑडियो में 100 ग्राम गांजा, शराब की बोतल और पांच-पांच हजार रुपए लाने की चर्चा सुनाई देने का दावा किया गया। मामला सामने आते ही जेल अधीक्षक ने राजेंद्र चौधरी को तत्काल निलंबित कर विभागीय एवं तकनीकी जांच शुरू करा दी थी।
Updated on:
07 Jun 2026 05:12 pm
Published on:
07 Jun 2026 05:10 pm
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