
Rape and forced abortion accused arrested in satna police
सतना। सिविल लाइन इलाके की संजय नगर नईबस्ती में युवती से दुष्कर्म व गर्भवती होने पर जबरिया अबॉर्शन कराने का मुख्य अभियुक्त 20 दिन फरार रहने के बाद मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी को रामपुर चौरासी से पकड़ा। आरोप है कि नीरज पाण्डेय ( 21) पिता सम्पत ने अन्य लोगों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले में चार लोगों को विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है। पीडि़ता का गर्भपात कराने वाली नई बस्ती निवासी नर्स सपना पाण्डेय व अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
घोषत था 5 हजार रुपए का इनाम
पीडि़त पिता की शिकायत के बाद भी एफआइआर दर्ज करने में आनाकानी करने वाली सिविल लाइन पुलिस ने अपनी किरकिरी कराने के बाद मुकदमा दर्ज किया था। एसपी राजेश हिंगणकर के निर्देश पर ४ अप्रैल को मामले में एफआइआर दर्ज की गई। थाने में मुकदमा कायम होते ही सभी आरोपी फुर्र हो गए। शुरुआती दिनों में आरोपियों की तलाश में थाना पुलिस ने खूब हाथ-पैर मारे लेकिन मुख्य आरोपी पकड़ा नहीं जा सका। बाद में पुलिस ने आरोपी नीरज पाण्डेय पर पांच हजार का इनाम घोषित कर दिया। हालांकि मामले में आरोपी के परिजन भी एसपी को ज्ञापन सौंपकर फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग कर चुके हैं।
ये है पूरा मामला
चार अप्रैल को संजय नगर नईबस्ती निवासी युवती अपनी मां के साथ करीब चार माह का भ्रूण लेकर एसपी कार्यालय पहुंची। युवती ने आरोप लगाया कि रामपुर चौरासी के नीरज पाण्डेय ने कई बार दुष्कर्म किया और गर्भ ठहर जाने पर सतना लाकर नई बस्ती में जबरिया गर्भपात करा दिया। युवती के पिता ने आरोप लगाया कि पूर्व में कई बार सिविल लाइन थाना व एसपी कार्यालय में आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस अनसुना करती गई। युवती ने आरोप लगाया था कि २ फरवरी को शौच के लिए जाते समय उक्त लोगों ने जीप से अगवा कर लिया और परिजन को जान से मारने की धमकी दी। एसपी हिंगणकर ने सीएसपी वीडी पांडेय को जांच के निर्देश दिए थे।
डीएनए टेस्ट की तैयारी
युवती द्वारा अपहरण, दुराचार व गर्भ ठहरने के बाद अबॉर्शन के लगाए गए सनसनीखेज आरोपों के बाद मामला संवेदनशील हो गया है। अपनी ओर से पुलिस कोई चूक नहीं करना चाहती। लिहाजा, एक-एक आरोपों की जांच के साथ ही मृत नवजात का डीएएनए टेस्ट के लिए सेम्पल लिया गया था, ताकि युवती ने जिन लोगों पर दुराचार का आरोप लगाया है उनके ब्लड सेम्पल लेकर जांच कराई जा सके। आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसका ब्लड सेम्पल लेकर जांच कराई जा सकती है।
Published on:
25 Apr 2018 12:32 pm
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