MP News: रेलवे अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इस निर्माण कार्य से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित नहीं होगा।
MP News: रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। काम शुरू होने के पांच महीने बाद ठेका कंपनी ने स्टेशन के मुख्य एंट्री पर बने पुराने और जर्जर भवनों को गिराना शुरू कर दिया है। इसके बाद वहां अराइवल ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा, जिससे यात्रियों के आने-जाने की व्यवस्था बेहतर हो सके।
रेलवे अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इस निर्माण कार्य से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित नहीं होगा। सबसे पहले स्टेशन के बाहरी हिस्से की संरचनाएं विकसित की जाएंगी।
इसके बाद ही मुख्य स्टेशन भवन का निर्माण शुरू होगा, जिसे व्यंकटेश मंदिर के मॉडल पर बनाया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए अगले एक साल तक पार्किंग और रेस्तरां जैसी सभी व्यवस्थाएं पहले की तरह ही चलती रहेंगी। निर्माण की निगरानी और सर्वेक्षण के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए रेलवे ने जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है, क्योंकि स्टेशन परिसर के ऊपर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, निर्माण के दौरान रेल परिचालन को बिना बाधित किए काम पूरा करना एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। कोलकाता की मेसर्स श्याम इंफ्रा डेवलपमेंट लिमिटेड को इस परियोजना का ठेका दिया गया है, जो 265 करोड़ की लागत से सतना स्टेशन को भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन की तरह विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करेगी। उम्मीद है कि यह कार्य दो साल में पूरा हो जाएगा।