
सतना. हर साल अपने कार्यकर्ताओं से आजीवन सहयोग निधि लेने वाली भारतीय जनता पार्टी इस बार इसे 'समर्पण निधि' के नाम से ले रही है। नाम बदलने के संबंध में बताया जा रहा है कि भाजपा के पितृ पुरुषों में शामिल कुशाभाऊ ठाकरे का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। लिहाजा इस बार की निधि उन्हें समर्पित है इसलिये इसका नाम समर्पण निधि कहा गया है। समर्पण निधि के लिए भाजपा ने लक्ष्य भी बहुत ज्यादा रखा है। प्रदेश स्तर से सतना जिले को जो लक्ष्य दिया गया है उसके अनुसार यह राशि गत वर्ष से 4 गुना से ज्यादा है। सबसे बड़ी बात यह है कि 5000 रुपये से ऊपर की राशि का जो चंदा इस बार लिया जाएगा वह एक नंबर में होगा अर्थात चेक से ही यह राशि ली जानी है। 15 मार्च लक्ष्य पूरा करने आखिरी तारीख तय की गई है।
जिले में भाजपा का अब तक का सबसे बड़ा चंदा
भाजपा इस बार अब तक का सबसे बड़ा चंदा इक्कठा करने जा रही है। आजीवन सहयोग निधि के नाम पर सालाना वसूला जाने वाला यह चंदा इस बार पार्टी समर्पण निधि के नाम से लेगी और सतना के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य 4 करोड़ रुपये रखा गया है। लक्ष्य पूर्ति के लिए कहा गया है कि इसमें जिस स्तर से बात करानी पड़े कराई जाए। लेकिन लक्ष्य पूरा करना है। कहा गया है कि अगर प्रदेश अध्यक्ष या सीएम से बात करानी पड़े तो वे भी बात करेंगे लेकिन समर्पण निधि के लिये जिम्मेदारों को पूरी शिद्दत से काम करना होगा।
बूथ लेबर के कार्यकर्ता से भी लिया जाएगा चंदा
इस बार का चंदा बूछ लेबल के कार्यकर्ताओं से भी लिया जाएगा। पूर्व के वर्षों में अमूमन इनसे चंदा लेने से परहेज किया जाता था। हालांकि इसको देखते हुए पार्टी ने चंदा वसूली के तीन नये छोटी राशि के कूपन जारी किये हैं। इनमें 100 रुपये, 200 रुपये और 500 रुपये के कूपन हैं। इसके पहले तक भाजपा 1000, 5000 और 10000 रुपये के कूपन जारी करती थी।
युवा मोर्चा को बड़ा लक्ष्य
समर्पण निधि वसूलने के लिये इस बार मोर्चा प्रकोष्ठ स्तर पर भी लक्ष्य तय किया गया है। सतना में सबसे बड़ा लक्ष्य युवा मोर्चे को दिया गया है। इसे 5 लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया है। महिला मोर्चे को 4 लाख, किसान मोर्चे को 4 लाख, अनुसूचित जाति मोर्चे को 2 लाख और अनुसूचित जनजाति मोर्चे को 2 लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया है।
सिर्फ चेक से ली जाएगी राशि
इस बार 5000 रुपये से ऊपर की राशि के लिये राशि स्थल खाली छोड़ कर कूपन जारी किया गया है। यह एक तरह से रसीद का मामला होगा। लेकिन इस राशि को कैश में नहीं लिया जा सकेगा। यह राशि सिर्फ चेक के माध्यम से ही ली जा सकेगी।
सांसद और प्रदेश उपाध्यक्ष ने किया सर्वाधिक समर्पण
अभी तक समर्पण निधि के तौर पर सबसे ज्यादा सहयोग राशि देने वालों में सांसद गणेश सिंह और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश ताम्रकार हैं। इन्होंने 1-1 लाख रुपये दिये है। इनके अलावा विधायक विक्रम सिंह विक्की और नागेन्द्र सिंह ने 50-50 हजार रुपये दिये हैं। मंत्री रामखेलावन पटेल और विधायक नारायण त्रिपाठी की ओर से अभी तक समर्पण निधि जमा नहीं हो सकी है। बताया गया है कि पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं के अलावा इस बार सामाजिक लोगों और पार्टी विचारधारा को समर्थन देने वालों से भी यह राशि ली जा रही है। अभी तक जिले में 7 लाख रुपये का चंदा समर्पण निधि के नाम पर जमा हो सका है।