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Satna: स्मार्ट सिटी के 165 करोड़ के 8 कामों को मुख्य सचिव ने दी हरी झंडी

मुख्य सचिव की हाई पावर स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में मिली अनुमति सतना नदी में स्टाप डैम सहित रिवर फ्रंट डेवलपमेंट पर नहीं बनी सहमति

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Satna: स्मार्ट सिटी के 165 करोड़ के 8 कामों को मुख्य सचिव ने दी हरी झंडी

स्मार्ट सिटी सतना के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक लेते चेयरमैन अनुराग वर्मा एवं उपस्थित सीईओ तन्वी हुड्डा

सतना. मुख्य सचिव इकबाल सिंह वैंस की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी के नये प्रोजेक्टों की समीक्षा के लिये हाईपावर स्टीयरिंग कमेटी की बैठक वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई। सतना से कलेक्टर एवं चेयरमैन स्मार्ट सिटी अनुराग वर्मा एवं निगमायुक्त व सीईओ स्मार्ट सिटी तन्वी हुड्डा शामिल हुईं। कमेटी के समक्ष सतना स्मार्ट सिटी के 183.22करोड़ के 9 नये काम रखे गए। जिसमें से सतना नदी में स्टाप डैम सहित रिवर फ्रंट डवलपमेंट का 17.86 करोड़ का प्रोजेक्ट रिजेक्ट कर दिया गया। शेष 165.36 करोड़ के 8 कामों को मुख्य सचिव ने हरी झण्डी दे दी। अब जल्दी ही इनके टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर काम प्रारंभ कराए जाएंगे। इस दौरान तीन पुराने प्रोजेक्टों का भी रिव्यू किया गया। जिनमें लागत मूल्य का पुन: परीक्षण और कुछ अन्य सुझावों के साथ इन्हें भी स्वीकृत कर दिया गया।

इन कामों पर सहमत हुए सीएस

इनकी लागत ज्यादा

धवारी स्टेडिंयम का पुनर्निर्माण के 10.56 करोड़ के प्रोजेक्ट व दादा सुखेन्द्र सिंह स्टेडियम के पुनर्निर्माण के 12.21 करोड़ के प्रोजेक्ट की लागत ज्यादा मानते हुए मुख्य सचिव ने कलेक्टर से इसकी लागत का पुनरीक्षण करने के निर्देश के साथ प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल को लेकर मुख्य सचिव ने इसे आश्रय स्थल के रूप में तैयार करने के सुझाव के साथ सहमति दे दी।

बिजली कंपनी को तीन दिन में स्टीमेट प्रस्तुत करने के निर्देश

सीएस की हाइपावर स्टीयरिंग कमेटी की बैठक के बाद कलेक्टर की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक आयोजित की गई। जिसमें अब तक के किये गये कामों की जानकारी देने के साथ ही नये स्वीकृत कामों पर विमर्श किया गया। हाईपावर कमेटी में स्वीकृत कामों इस बोर्ड की बैठक में रखा जाकर इन्हें स्वीकृति दिलाई गई। स्मार्ट सिटी मिशन की अवधि जून 2023 तक बढ़ाए जाने के बाद कंसल्टेंट एजेंसी के अनुबंध में भी बढ़ोत्तरी की गई। इसके बाद कलेक्टर ने स्मार्ट सिटी के विद्युतीकरण प्रोजेक्ट में विद्युत कंपनी द्वारा स्टीमेशन में हो रहे विलंब पर असंतोष जताया। जिस पर सफाई दी गई कि जबलपुर से जीपीएस लोकेशन की जानकारी चाही गई है इस वजह से विलंब हो रहा है। कलेक्टर ने तीन दिन का समय देते हुए स्टीमेट प्रस्तुत करने कहा।

ठेकेदार सहित तकनीकि अमले की खिंचाई

कलेक्टर ने इसके बाद स्मार्ट सिटी के ठेकेदारों और तकनीकि अमले की बैठक लेते हुए कुछ ठेकेदारों की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि धीमी गति से काम करना बंद करें। वहीं कन्सल्टेंट एजेंसी को ड्राइंग डिजाइन समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तो तकनीकि अमले को समय पर ठेकेदारों का बिल निपटान करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि समन्वय के साथ तेजी से काम करें ताकि समय सीमा में सभी प्रोजेक्ट पूरे हों।

न्यायलयीन प्रकरणों के लिए वकील रखने के निर्देश

कलेक्टर ने निर्माणाधीन प्रोजेक्टों की समीक्षा में अमौधा तालाब में बाधक बन रहे अतिक्रमण हटाने एसडीएम को निर्देश दिए। जगतदेव तालाब के काम में लगी रोक हटाने के लिये अपर कलेक्टर से मिलकर कोर्ट में जवाब प्रस्तुत कर स्टे हटवाने के निर्देश दिए गये। न्यायालयीन प्रकरणों के लिये पृथक से वकील रखने कहा।