
सतना. मध्यप्रदेश के एकाउंटेंट जनरल द्वारा टेक होम राशन में गड़बड़झाले की रिपोर्ट के बाद हुई किरकिरी से उबरने के लिए अब विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए आंगनबाड़ी स्तर तक से मामले से जुड़े दस्तावेज तत्काल शासन से मांगे गए हैं। अब तक करीब 25 हजार पन्ने के दस्तावेज भोपाल भेजे जा चुके हैं। इसके बाद अब अन्य जानकारी खंगाली जा रही है। इसके लिए महिला बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालयों में देर रात तक दस्तावेजों की फोटो कॉपी तैयार की जा रही है। देर रात तक खुले दफ्तर इन दिनों चर्चा का विषय बने हैं।
जारी है वृहद जांच
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के एकाउंटेंट जनरल ने विगत माह अप्रैल 2018 से मार्च 2021 तक टेक होम राशन (टीएचआर) में की गई अनियमितताओं का खुलासा किया था। बच्चों को दिए जाने वाले टीएचआर सहित गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं व स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों को दिए जाने वाले राशन वितरण में फर्जीवाड़े की रिपोर्ट तैयार करते हुए इसकी वृहद जांच की अनुशंसा की थी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद प्रदेशभर में हंगामा मच गया था। रिपोर्ट में सतना और रीवा के भी मामले सामने आए थे। अब शासन स्तर से इन मामलों की वृहद जांच प्रारंभ कर दी गई है।
मांगी गई यह जानकारी
टीएचआर गड़बड़झाले को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग संचालनालय ने परियोजना सहित आंगनबाड़ी स्तर से जानकारी तलब की है। इसमें परियोजना कार्यालय व आंगनबाड़ी स्तर से टीएचआर की पावती, वितरण पंजी, चालान की कॉपी सहित पंचनामा और दस्तावेजों की कॉपी आदि तलब की गई है। एक-एक आंगनबाड़ी से इतने बड़े पैमाने पर जानकारी जुटाने के लिए इन दिनों देर रात तक परियोजना कार्यालयों में काम चल रहा है। जहां के दस्तावेज अधूरे हैं उन्हें सही करने का काम किया जा रहा है। दस्तावेजों की जानकारी रिकार्डों से मिलान कर उनकी फोटोकॉपी तैयार की जा रही है।
ये नए दस्तावेज मंगाए
सतना जिले से विगत दिवस ज्यादातर दस्तावेज भेज दिए गए थे, लेकिन अब पंचनामा भी मंगाया गया है। साथ ही टीएचआर में सुपरवाइजर का सत्यापन भी मांगा है। स्टॉक रजिस्टर की जानकारी भी मांगी गई है।
साधी चुप्पी
देर रात तक कार्यालय खोले जाने को लेकर संबंधित कार्यालयों में मौजूद अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। बस इतना ही कहा जा रहा है कि शासन स्तर से जानकारी मांगी गई है, वह तैयार किया जा रहा है।