संगठनों ने तैयार की रणनीति
सतना। एससी-एसटी एक्ट में किए संशोधन के विरोध में 6 सितंबर को बंद का आह्वान किया गया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, सपाक्स, सर्वसमाज, विंध्य चेंबर ऑफ कॉर्मस सहित कई संगठनों ने समर्थन दे रखा है। इस दौरान व्यापक स्तर पर प्रदर्शन करने की तैयारी है। हर संगठन अपने स्तर पर रणनीति बना रहा है। लिहाजा, पुलिस व प्रशासन के पास बंद के दौरान स्थिति सामान्य रखने की चुनौती होगी। विरोध करने वाले संगठन जनसंपर्क करते हुए बंद को प्रभावी बनाने पर जोर दे रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन ने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस हर इनपुट पर नजर रखे है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। सपाक्स जिलाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी की मानें तो लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से दुकानें बंद रखने का निवेदन किया जाएगा।
एक सप्ताह से बना माहौल
विगत एक सप्ताह से एसटी-एससी एक्ट में हुए संसोधन को लेकर विरोध का माहौल बनना शुरू हो गया है। पहले सतना में रैली निकालकर विरोध जताया गया। उसके बाद सिविल लाइन चौपाटी में बैठक आयोजित की गई। फिर कोठी सहित आसपास क्षेत्रों में प्रदर्शन हुआ। मंगलवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से धवारी चौराहे पर सत्याग्रह किया गया।
चेम्बर ने दिया समर्थन
सतना बंद को विंध्य चेम्बर ऑफ कामर्स ने समर्थन दिया है। बताया गया कि सपाक्स के पदाधिकारी चेंबर अध्यक्ष द्वारिका गुप्ता से मिलने पहुंचे और बंद को लेकर समर्थन मांगा। उनकी बातों को सुनने के बाद चेंबर ने भी अपना समर्थन देने का वादा कर दिया। व्यापारिक संस्थान 6 को बंद रहेंगे। चेंबर के मैदान में आने के बाद माना जा रहा कि बंद का प्रभावी असर देखने को मिलेगा। इसके पीछे कारण है कि चेंबर से व्यापारियों के 30 से ज्यादा संगठन जुड़े हैं।
धवारी चौक पर सत्याग्रह किया
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में मंगलवार को एससी-एसटी एट्रोसिटी बिल के विरोध में धवारी चौराहे पर सत्याग्रह किया गया। महासभा के कार्यकर्ताओं ने उपवास करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। महासभा के जिलाध्यक्ष उपेन्द्र मिश्रा ने बताया कि सत्याग्रह राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप भारद्वाज व प्रदेशाध्यक्ष रामावतार त्रिपाठी के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इसके तहत महिला प्रदेशाध्यक्ष उर्मिला त्रिपाठी, युवा प्रदेशाध्यक्ष राजेश दुबे, ब्राह्मण नेता धर्मेश चतुर्वेदी, संतोष पांडेय सहित अन्य की अगुवाई में धवारी चौराहे पर प्रदर्शन किया गया। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सभी नेता व पदाधिकारियों ने उपवास रखा। एक्ट के विरोध में नारेबाजी सहित प्रदर्शन किया। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए सत्याग्रह खत्म किया गया।
पार्टी लाइन से इतर
एसटी-एससी एक्ट का विरोध व्यापक स्तर पर देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा, कांग्रेस, सपा सहित अन्य नहीं बोल रहे हैं। लेकिन, एक्ट के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के नेताओं का समर्थन जरूर मिल रहा है। वे व्यक्तिगत रूप से जाति व धर्म के आधार पर समर्थन दे रहे हैं। धर्मेश चतुर्वेदी भाजपा नेता हैं, लेकिन ब्राह्मण नेता के रूप में समर्थन दे रहे। महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष उर्मिला त्रिपाठी ने भी समर्थन किया है। ये समर्थन उन्होंने अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की महिला प्रदेशाध्यक्ष के रूप में किया है। सपा जिला अध्यक्ष राजेश दुबे भी विरोध का समर्थन कर रहे हैं। इसके लिए वे अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के युवा प्रदेशाध्यक्ष की भूमिका में हैं।
आरक्षण विरोधी पार्टी भी मैदान में
आरक्षण विरोधी पार्टी भी मैदान में उतर आई है। मंगलवार को ज्ञापन सौंपते हुए 6 सितंबर को सतना बंद की सूचना दी है। सूचना में कहा गया कि एसटी-एससी एक्ट के विरोध में 6 सितंबर को सतना बंद रहेगा। इस दौरान आरक्षण विरोधी पार्टी भी सक्रिय भूमिका अदा करेगी और बंद का समर्थन करेगी।
कॉलेज में छात्र करेंगे तालाबंदी
डिग्री कॉलेज के छात्रसंघ सचिव रजनीश द्विवेदी ने कहा कि देशव्यापी आंदोलन एससी-एसटी एक्ट के विरोध में महाविद्यालय में 6 सितंबर को तालाबंदी की जाएगी। सुबह 11 बजे से व्यापक आंदोलन कर एक्ट का विरोध किया जाएगा।