
सतना. केन्द्रीय जेल में रात ड्यूटी पर पहुंचे प्रहरी का डंडा जांचने के लिए मांगा तो वह उलझ गया। मुख्य प्रहरी से अभद्रता की और वर्दी तक हाथ पहुंचा दिया। एेसे में वहां मौजूद कर्मचारियों ने डंडे को अपने पास लिया और जब बारीकी से उसे जांचा तो डंडे की मूठी में दो पैकेट तम्बाकू मिली। तम्बाकू जेल के अंदर लेकर जाना प्रतिबंधित है बावजूद इसके प्रहरी ने एेसा कृत्य किया। इसके लिए जेल अधीक्षक अखिलेश सिंह तोमर ने प्रहरी को निलंबित कर निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय उप जेल छतरपुर कर दिया है। ताकि प्रहरी जांच को प्रभावित नहीं कर सके।
तलाशी के लिए विशेष प्रहरी
जेल अधीक्षक ने बताया कि प्रहरी आशुतो पाण्डेय को निलंबित किया है। इसकी गतिविधियां पूर्व से संदिग्ध थीं। इसलिए जेल के अंदर दाखिल होने वाले दोनों गेट के बीच तलाशी के लिए एक विशेष प्रहरी को लगाया है। रात 2 से सुबह 6 बजे तक ड्यूटी के लिए आए आशुतोष के हाथ में प्लास्टिक का डंडा था। इसी डंडे में लगी काली मूठी के अंदर तम्बाकू भरी पाई गई है। उन्होंने बताया कि 9 दिसंबर 2016 के बाद से जेल में तम्बाकू पदार्थ प्रतिबंधित हैं।
शुरू की गई विभागीय जांच
यह बात सामने आई है कि जब मुख्य प्रहरी राम लखन ठकुरिया ने प्रहरी आशुतोष को डंडा चेक कराने के लिए कहा तो उसने डंडा देने से मना कर दिया। जब बार बार कहा तो वह विवाद करने लगा और ठकुरिया की वर्दी तक हाथ पहुंचाते हुए अभद्रता कर डाली। प्रहरी को यह हरकत भारी पड़ी है। विभागीय जांच उसके खिलाफ शुरू कर दी गई है। साथ ही जेल स्टॉफ को चेताया गया है कि अगर प्रतिबंधित सामान जेल के अंदर जाएगा तो सख्त कार्रवाही होगी।