सतना

बड़ी खबर: मध्यप्रदेश में 7 हजार की रिश्वत लेते DEO ट्रैप, एक से ले रहे थे रकम, दूसरा बिन मांगे दे गया

निजी स्कूल की मान्यता बहाली करने के लिए मांगी थी रिश्वत

2 min read
Jul 06, 2018
Sidhi DEO trap taking 7 thousand bribe

सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में रीवा लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। खुद सीधी डीईओ को 7 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने निजी स्कूल की मान्यता बहाली के लिए 10 रुपए की डिमांड की थी। जिसकी दो किस्त पीडि़त संचालक पहले ही दे चुका था। फिर भी डीईओ साहब स्कूल की मान्यता बहाल नहीं कर रहे थे। इसलिए धक-हारकर पीडि़त रीवा लोकायुक्त कार्यालय पहुंच गया। जहां से शिकायत की सत्यता जांचने के बाद शुक्रवार को ट्रैप करने की योजना बनाई गई।

जैसे ही स्कूल संचालक रिश्वत की रकम देने पहुंचा, वैसे ही लोकायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया। करीब 6 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद मुचलके पर जिला शिक्षा अधिकारी को छोड़ दिया गया। लोकायुक्त की 20 सदस्यीय टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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ये है मामला
बदा दें कि, जिला शिक्षा अधिकारी ने थोक के भाव आरटीई के मानकों की पूर्ति न करने की बात पर करीब डेढ सैकड़ा निजी स्कूलों की मान्यता रदद कर दी थी। जिसे बहाल कराने के लिए स्कूल संचालक एडी चोंटी लगाए हुए थे। इसका फायदा उठाकर डीईओ पारसनाथ शुक्ला ने मान्यता की दुकानदारी सजाते हुए वसूली शुरू कर दिए। इसी क्रम में सेमरिया में संचालित एक विद्यालय के संचालक रामजी शुक्ला से मान्यता बहाली के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने 10 हजार रुपए की मांग की। तब संचालक ने दो किश्तो में डीईओ को 2-2 हजार रुपए कुल 4 हजार दिए। शेष राशि बाद में देने का आश्वासन दिया गया।

मान्यता बहाली नहीं हुई तो बिगड़ गई बात
जब स्कूल की मान्यता बहाली नहीं हुई तो स्कूल संचालक रामजी शुक्ला ने लोकायुक्त रीवा की सरण में पहुंच गए। फिर लोकायुक्त ने रिश्वतखोर डीईओ को ट्रैपिंग करने की पूरी तैयारी की। जिसके बाद शुक्रवार की अलसुबह ही लोकायुक्त टीम सीधी पहुंच गई। शिकायतकर्ता स्कूल संचालक को रिश्वत की राशि 5 हजार रुपए डीईओ को देने के लिए भेजा गया। जैसे ही डीईओ ने रिश्वत की रकम हाथ में ली वैसे ही दबोच लिया गया। करीब 6 घंटे तक चली कार्रवाई के बाद डीईओ को मुचलके पर छोड़ दिया गया है।

दूसरा भी दे गया 2 हजार की रिश्वत
जिस समय लोकायुक्त टीम ट्रैपिंग का प्लान बना रही थी। वहां पर एक दूसरे स्कूल का संचालक भी 2 हजार रुपए लेकर पहुंच गया। पहले रामजी शुक्ला ने रिश्वत की रकम जिला शिक्षा अधिकारी के हाथ में सौंपी। फिर सेमरिया में संचालित दूसरे स्कूल का संचालक भी मान्यता के नाम पर ही दो हजार बिन मांगे दे गया। इस तरह लोकायुक्त पुलिस ने 7 हजार रुपए रिश्वत की राशि मौके से जब्त की।

कार्रवाई में 20 सदस्यीय टीम थी शामिल
लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ की गई कार्रवाई में 20 सदस्यीय टीम शामिल थी। जिसमें डीएसपी देवेश पाठक, निरीक्षक विद्यावारिधि तिवारी, निरीक्षक अरविंद तिवारी सहित अन्य लोग शामिल थे।

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Published on:
06 Jul 2018 02:00 pm
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