6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

14 साल में 28 बार तबादला, इस बार सीधी से सीधे श्योपुर.. जानिए सरकार के निशाने पर रहने वाली महिला अधिकारी की कहानी

चुरहट तहसीलदार का तबादला, ऑर्डर आते ही किया तुरंत रिलीव किया

2 min read
Google source verification

सीधी

image

Suresh Mishra

Jul 04, 2018

tehsildar amita singh Transfered from Sidhi, 28th transfer in 14 year

tehsildar amita singh Transfered from Sidhi, 28th transfer in 14 year

सीधी. चुरहट तहसीलदार अमिता सिंह तोमर का 14 साल की नौकरी में 28वां तबादला हो गया। 11 जिले और 27 तहसीलों में पदस्थापना के बाद बुधवार को उनका चुरहट से श्योपुर जिले में तबादला कर दिया गया। ऑर्डर आते ही कलेक्टर दिलीप कुमार ने उन्हें तुरंत रिलीव भी कर दिया। उन्होंने नवंबर 2017 में सीधी में ज्वाइन किया था। करीब पांच महीने के कार्यकाल में वे कई बार विवादों में रहीं। अमिता सिंह केबीसी यानी कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपए भी जीत चुकी हैं।
राज्य शासन ने बुुधवार को जारी आदेश में उनका तबादला श्योपुर जिले के लिए किया है। तहसीलदार तोमर सीधी से पहले राजगढ़ जिले में थीं। जहां उन्होंने बार-बार किए जा रहे अपने तबादले की शिकायत प्रधानमंत्री मोदी को ट्वीट के जरिए की थी। यह मामला भी प्रशासनिक अफसरों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय लोगों ने उन पर जमीन नामांतरण में गड़बड़ी के आरोप लगाए। अपनी पदस्थी के दौरान वे अपने पालतू कुत्ते की सरकारी भूमि पर समाधि बनवाने और उसके 12वें पर शाही भोज को लेकर सुर्खियों में आईं। उनके पांच माह के कार्यकाल के दौरान चुरहट तहसील को आइएसओ सर्टिफिकेट भी मिला। वे बैंक की वसूली में एक स्थानीय नेता पर कार्रवाई करने और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए स्थानीय नेताओं के निशाने पर थीं। हालांकि उन पर सरकारी भूमि पर अपने पालतू कुत्ते की समाधि बनाने और प्रतिबंध के बाद भी जमीन का नामांतरण करने के भी आरोप लगे। कुछ मामलों की शिकायत रीवा संभायुक्त महेशचंद्र चौधरी से हुई। उन पर नेशनल हाइवे को अधिगृहीत होने वाली जमीन के नामांतरण व पति द्वारा अतिक्रमण के नाम पर 50 हजार रुपए मांगने के आरोप भी लगे।

गोपद तहसीलदार को सौंपा प्रभार
मप्र राज्यपाल के आदेशानुसार अवर सचिव सुमन रायकवार ने अमिता सिंह तोमर को ४ जुलाई को श्योपुर के लिए स्थानांतरित किया है। आदेश की प्रति मिलते ही कलेक्टर ने उन्हें भारमुक्त कर दिया। उनके स्थान पर गोपद बनास तहसीलदार को चुरहट तहसील का प्रभार दिया गया है।

sidhi , 28th transfer in 14 year" src="https://new-img.patrika.com/upload/2018/07/04/sk_4_3053531-m.jpg">
Patrika IMAGE CREDIT: Patrika

केबीसी में जीते 50 लाख
आपको बता दें कि अमिता सिंह ने केबीसी में 50 लाख रुपए भी जीते हैं। जिसके बाद से विभाग में उन्हें केबीसी वाली मैडम कहा जाता था लेकिन तबादलों की लिस्ट में बार-बार नाम आने के बाद उन्हें तबादले वाली मैडम कहा जाता है। अमिता के पति ग्वालियर में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हैं जबकि बेटी डॉ. अदिति सिंह महिला सशक्तिकरण अधिकारी बागली (देवास) में पदस्थ है।

प्रधानमंत्री मोदी को ट्वीट से आई चर्चा में
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर सीधी से पहले राजगढ़ जिले में पदस्थ थीं। जहां उन्होंने बार-बार किए जा रहे अपने तबादले की शिकायत प्रधानमंत्री मोदी को ट्वीट के जरिए की थी। उन्होंने ट्वीट कर बताया था कि जितने साल उन्हें नौकरी करते नहीं हुए, उससे ज्यादा तबादले हो चुके हैं। यह मामला भी प्रशासनिक अफसरों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।