
सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में निजी स्कूल की शिक्षिका के साथ हुए गैंगरेप के मामले में बयान देकर सीधी एसपी आरएस बेलवंशी फंस चुके है। बताया गया कि शुक्रवार की शाम सुप्रीम कोर्ट के निदेर्शों को ताक पर रखते हुए मीडिया के सामने एसपी ने पीड़िता का नाम, जाति, धर्म एवं गांव के नाम को सार्वजनिक कर दिया।
कुछ देर बाद एसपी आरएस बेलवंशी के बयान देने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने लगा। कानून के जानकारों ने एसपी आरएस बेलवंशी के बयान को सार्वजनिक करने के मामले की निंदा की है। कहा, जब जिले का कप्तान ही इस तहर के बयान मीडिया के सामने देता है तो छोटे कर्मचारियों से अच्छे कार्य की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
क्या है पूरा मामला
बताया गया, एक निजी स्कूल की शिक्षिका गुरुवार शाम 5 बजे पैदल अपने घर जा रही थी। रास्ते में घात लगाकर बैठे चार आरोपियों ने उसको अगवा कर अरहर के खेत में ले गए। वहां चारों ने बलात्कार किया। एक घंटे बाद आरोपी पीडि़ता को बाइक से बघवार तिराहे के समीप छोड़कर भाग गए। पीडि़ता ने घटना की जानकारी अपनी बड़ी बहन को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी। गैंगरेप की वारदात सुनकर पिपरांव चौकी पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी और पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण कराने जिला अस्पताल लेकर आए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए। एएसपी अंजुलता पटले, एसडीओपी चुरहट लक्ष्मण अनुरागी, रामपुर नैकिन थाना प्रभारी अशोक पांडेय रात में ही मौके पर पहुंच गए। रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखर, डीआईजी अविनाश शर्मा भी शुक्रवार की सुबह मौके पर पहुंचे। शाम को एसपी आरएस बेलवंशी ने मीडिया के सामने पीडि़ता का नाम सार्वजनिक कर पुलिस की किरकिरी करा दी।
ये आरोपी हिरासत में
पुलिस ने पीडि़ता की शिनाख्त पर बच्चू लोनिया, बीरू लोनिया, भटलो निवासी नरेंद्र लोनिया व शिवशंकर लोनिया के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर हिरासत में ले लिया है। उक्त आरोपी आदतन अपराधी हैं। उनके विरुद्ध पुलिस चौकी पिपरांव में आधा दर्जन से अधिक अपराध दर्ज हैं।